PU Special :40 साल पुराना सबस्टेशन होगा हाईटेक, 23 किमी दूर से बैठे अफसर रिमोट से करेंगे बिजली कंट्रोल
हर्षित चौरसिया, जबलपुर। प्रदेश के करीब चार दशक पुराने एमपी ट्रांसको के विनोबा भावे 132 केवी सबस्टेशन का अब हाईटेक होने जा रहा है। अपग्रेडेशन के बाद यह प्रदेश की विद्युत कंपनियों के जबलपुर िस्थत मुख्यालय परिसर में सबस्टेशन ऑटोमेशन सिस्टम (एसएएस) आधारित पहला 132 केवी सबस्टेशन होगा। खास बात यह है कि 23 किमी दूर जबलपुर स्काडा कंट्रोल सेंटर से इसे रिमोट संचालित किया जा सकेगा। इसके संचालन और निगरानी के लिए मौके पर मैनुअल सिस्टम पर निर्भरता कम होगी।
सबस्टेशन में नया कंट्रोल रूम बनाने के साथ अतिरिक्त यानी तीसरा पावर ट्रांसफार्मर भी स्थापित किया जा रहा है। इससे ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़ेगी और लोड का बेहतर वितरण हो सकेगा। किसी ट्रांसफार्मर के रखरखाव के लिए बंद रहने या आकस्मिक खराबी की स्थिति में भी वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।
डिजिटल सिस्टम से हर उपकरण पर नजर
एसएएस तकनीक के तहत सबस्टेशन के लाइन, ट्रांसफार्मर, सर्किट ब्रेकर, आइसोलेटर सहित विभिन्न उपकरणों की स्थिति कंट्रोल रूम में रियल टाइम दिखाई देगी। डिजिटल रिले और सेंसर लगातार करंट, वोल्टेज, फ्रीक्वेंसी, तापमान सहित विभिन्न मानकों की निगरानी करेंगे। किसी फाल्ट, ओवरलोडिंग या असामान्य स्थिति में तत्काल अलार्म मिलेगा। फाल्ट की स्थिति में डिजिटल रिले प्रभावित हिस्से को कुछ मिली सेकंड में स्वत: अलग कर सकेंगे। घटना का रिकॉर्ड भी सिस्टम में सुरक्षित रहेगा, जिससे अभियंताओं को फाल्ट के कारण और स्थान का विश्लेषण करने में आसानी होगी।
नयागांव और गोरा बाजार से भी रिमोट स्विचिंग
एसएएस लागू होने के बाद विनोबा भावे सबस्टेशन का संचालन जबलपुर स्काडा कंट्रोल सेंटर से किया जा सकेगा। आवश्यकता पड़ने पर 220 केवी नयागांव और 220 केवी गोरा बाजार सबस्टेशन से भी रिमोट स्विचिंग ऑपरेशन किए जा सकेंगे। इससे आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय कम होगा और बिजली आपूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया तेज होगी।
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यह कहते हैं कम्पनी के प्रबंध संचालक
कम्पनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने बताया िक सबस्टेशन में एसएएस स्थापना सहित सभी उन्नयन कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरा का काम तेजी से किया जाएगा। मैन्यूअल के साथ यह सब स्टेशन रिमोट से भी संचालित होगा। एसएएस के बाद डिजिटल इवेंट लॉग, सीक्वेंस ऑफ इवेंट्स रिकॉर्डर और डिस्टर्बेंस रिकॉर्डर जैसी सुविधाओं से फाल्ट विश्लेषण अधिक प्रभावी होगा।
सीधे 132 केवी सर्किट से मिली अतिरिक्त सुरक्षा
220 केवी नयागांव सबस्टेशन से विनोबा भावे सबस्टेशन तक स्थापित प्रत्यक्ष 132 केवी सर्किट लाइन से भी व्यवस्था को मजबूती मिली है। एमपी ट्रांसको के कार्यपालन अभियंता एपीएस चौहान के अनुसार, वैकल्पिक सर्किट शुरू होने के बाद ट्रांसमिशन लाइन ट्रिपिंग अथवा अन्य व्यवधान की स्थिति में भी शहर की बिजली आपूर्ति को प्रभावित होने से बचाने में मदद मिली है।
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