दो माह में दस मौतें...टाइगरों के वैक्सीनेशन की क्या है स्थिति? मप्र हाईकोर्ट ने केन्द्र सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

जबलपुर। कान्हा नेशनल पार्क में इस साल दो माह के भीतर कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से 10 टाइगरों की हुईं मौतों के मामले पर मप्र हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने टाइगरों के वैक्सीनेशन की ताजा स्थिति पेश करने के निर्देश केन्द्र सरकार को दिए हैं। प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करने बेंच ने तीन सप्ताह का समय देकर अगली सुनवाई अक्टूबर माह के तीसरे सप्ताह में निर्धारित की है।
कैनानइन डिस्टेंपर से 10 टाइगर की मौत का दावा
यह जनहित याचिका चेम्बूर (मुम्बई) के अधिवक्ता व वन्य जीव प्रेमी सुबित चक्रवर्ती की ओर से दायर की गई है। आवेदक का कहना है कि 2 अप्रैल से अभी तक कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के खौफनाक प्रसार से दस टाइगरों की मौत हो चुकी है। टाइगरों को बचाने के लिए सरकार द्वारा अब तक कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर यह जनहित याचिका दाखिल की गई। याचिका में मांग की गई है कि एनटीसीए की गाइडलाइंस के तहत इन मौतों का पता लगाने एक उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कमेटी का गठन किया जाए।
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने मांगा 10 दिन का वक्त
मामले में सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह, राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी, केन्द्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन व डिप्टी सॉलिसिटर जनरल सुयश मोहन गुरु हाजिर हुए। मामले पर जवाब पेश करने जैन ने दस दिनों का समय मांगा। कान्हा में टाइगरों के किए जा रहे वैक्सीनेशन की जानकारी दिए जाने पर बेंच ने इसकी ताजा स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश देकर सुनवाई मुल्तवी कर दी।
ये भी पढ़ें: जिंदा बेटी का पिता ने किया पिंडदान,मुस्लिम युवक से शादी के बाद पिता ने तोड़ा रिश्ता




















