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इंदौर के MY अस्पताल में 5 में से 4 एक्स-रे मशीनें बंद, मरीजों को एक भवन से दूसरे भवन तक लगाना पड़ रहा चक्कर

इंदौर के एमवायएच में नई ओपीडी की दोनों डिजिटल एक्स-रे मशीनें बंद होने से रोजाना 200 से 250 मरीजों को परेशानी हो रही है। एक मशीन करीब आठ महीने से खराब है, जबकि दूसरी भी बंद हो गई है। फिलहाल पोर्टेबल मशीन से चेस्ट एक्स-रे किया जा रहा है। अन्य जांचों के लिए मरीजों को पुरानी बिल्डिंग भेजा जा रहा है।
इंदौर के MY अस्पताल में 5 में से 4 एक्स-रे मशीनें बंद, मरीजों को एक भवन से दूसरे भवन तक लगाना पड़ रहा चक्कर
फाइल फोटो

इंदौर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवायएच) में एक्स-रे जांच की व्यवस्था प्रभावित होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में रोजाना करीब 200 से 250 मरीज एक्स-रे जांच के लिए पहुंचते हैं, लेकिन नई ओपीडी में मशीनें बंद होने के कारण उन्हें जांच के लिए एक भवन से दूसरे भवन तक भटकना पड़ रहा है। अस्पताल की नई ओपीडी में दो एक्स-रे मशीनें स्थापित हैं, जबकि पुरानी बिल्डिंग में तीन डिजिटल एक्स-रे मशीनें संचालित हैं। नई ओपीडी की एक डिजिटल एक्स-रे मशीन पिछले करीब आठ माह से खराब पड़ी है। इसके अलावा दूसरी डिजिटल मशीन भी बंद होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। वर्तमान में केवल चेस्ट एक्स-रे के लिए उपयोग की जाने वाली पोर्टेबल मशीन के सहारे काम चलाया जा रहा है।

पोर्टेबल मशीन से देर शाम तक चल रहा काम 

पहले यह पोर्टेबल मशीन दोपहर 2 बजे तक ही ओपीडी में संचालित होती थी, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब इसका उपयोग देर शाम तक किया जा रहा है। इसके बावजूद अन्य प्रकार के एक्स-रे के लिए मरीजों को पुरानी बिल्डिंग भेजा जा रहा है। इस व्यवस्था के कारण नई ओपीडी में आने वाले मरीजों को जांच के लिए अस्पताल परिसर में ही एक भवन से दूसरे भवन तक जाना पड़ रहा है। इससे विशेष रूप से ऐसे मरीजों को परेशानी हो रही है, जिन्हें चलने-फिरने में दिक्कत है।

पैर में सूजन के बाद एक्स-रे के लिए भटकते रहे रामाशंकर 

मरीज रामाशंकर उपाध्याय ने बताया कि गिरने से पैर में सूजन आ गई थी। डॉक्टर ने एक्स-रे कराने की सलाह दी, लेकिन मशीन बंद होने के कारण सुबह से जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। वहीं, बेटी का एक्स-रे कराने पहुंचीं उमा बाई ने बताया कि नई ओपीडी से उन्हें पुरानी बिल्डिंग भेज दिया गया। बेटी चलने में असमर्थ थी, इसलिए व्हीलचेयर पर ले जाने में काफी परेशानी हुई।

बुजुर्ग और गंभीर मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित 

डिजिटल एक्स-रे सुविधा प्रभावित होने से बुजुर्ग, दिव्यांग और गंभीर मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में मशीनों की जल्द मरम्मत या नई मशीनों की व्यवस्था की जाए, ताकि जांच के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े।

मैन्युअल मशीन लगाकर की जाएगी व्यवस्था

एक एक्स-रे मशीन की ट्यूब खराब हो गई है। नई ट्यूब आने में करीब 15 से 20 दिन का समय लग सकता है। वहीं, एक अन्य मशीन का पार्ट खराब होने से वह भी बंद है। मरीजों की जांच प्रभावित न हो, इसके लिए चेस्ट वार्ड में रखी एक्स-रे मशीन को मैन्युअल तरीके से संचालित किया जाएगा। जल्द ही इस मशीन को संबंधित स्थान पर शिफ्ट कर उससे एक्स-रे जांच की व्यवस्था शुरू की जाएगी।

–डॉ. अशोक यादव, अधीक्षक, एमवाय अस्पताल

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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