तेहरान। मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे के सीजफायर प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक यह प्रस्ताव एक तीसरे देश के जरिए तेहरान तक पहुंचाया गया था, लेकिन ईरान ने इसे मानने से साफ इनकार कर दिया। इस फैसले से साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ सकता है।
ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सेना के दो लड़ाकू विमान F-15E और A-10 को मार गिराया है। ईरान के मुताबिक, F-15E जेट उसके अंदर हमले के दौरान निशाना बना, जिसमें एक क्रू मेंबर को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दूसरा अभी लापता है। वहीं A-10 विमान पर्शियन गल्फ में गिरा बताया जा रहा है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह हमला था या तकनीकी खराबी।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दो ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर भी ईरानी फायरिंग की चपेट में आ गए। ये हेलिकॉप्टर लापता पायलट की तलाश में सर्च एंड रेस्क्यू मिशन पर भेजे गए थे। करीब पांच हफ्तों से चल रहे इस संघर्ष में यह पहली बार है जब अमेरिकी विमानों और हेलिकॉप्टरों को इस तरह नुकसान हुआ है, जिससे हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं।
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इस पूरे घटनाक्रम के बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इन घटनाओं का ईरान के साथ संभावित बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी संसद से रक्षा बजट बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने की मांग की है। फिलहाल अमेरिका का रक्षा बजट करीब 839 बिलियन डॉलर है, लेकिन ट्रम्प लगातार सैन्य ताकत बढ़ाने की वकालत करते रहे हैं।
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दूसरी ओर, इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। इजराइली सेना का कहना है कि वह हिज्बुल्लाह के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रही है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब हिज्बुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैनिकों पर हमलों का दावा किया था।
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अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लगातार हमलों के बावजूद ईरान तेजी से अपने अंडरग्राउंड मिसाइल बंकरों को दोबारा एक्टिव कर रहा है। हमले के कुछ ही घंटों में मलबा हटाकर मिसाइल साइट्स को फिर चालू किया जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान ने बड़ी संख्या में मोबाइल लॉन्चर और मिसाइलें सुरक्षित रखी हैं, जिससे उसकी सैन्य क्षमता अभी भी मजबूत बनी हुई है। साथ ही, नकली लॉन्चर (डिकॉय) का इस्तेमाल कर वह दुश्मन को भ्रमित करने की रणनीति अपना रहा है, जिससे असली नुकसान का आकलन करना मुश्किल हो रहा है।