पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच ईरान ने शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) को दावा किया है कि उसने अमेरिका के एक और पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट F-35 Lightning II को मार गिराया है।
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान को गिराने के बाद उसके पायलट की स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पायलट के जिंदा बचने की संभावना कम है, जबकि कुछ में दावा किया गया है कि उसे पकड़ लिया गया है। फिलहाल इस मामले पर अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ईरान की तस्लीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सेना की प्रमुख शाखा Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अमेरिकी एडवांस लड़ाकू विमान को मार गिराया। रिपोर्ट में कहा गया कि हमले के दौरान पायलट ने विमान से इजेक्ट किया और वह ईरान की सीमा के भीतर उतरा। इसके बाद उसकी स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका यह मानकर चल रहा है कि उसका पायलट जिंदा हो सकता है और उसे ईरान की सीमा से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। हालांकि कुछ सूत्रों का कहना है कि संभव है कि ईरानी बलों ने पायलट को हिरासत में ले लिया हो। इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, IRGC के सेंट्रल मिलिट्री मुख्यालय खातम अल-अनबिया के प्रवक्ता ने कहा कि उनकी एयरोस्पेस फोर्स ने नए एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए अमेरिका के एक और F-35 स्टील्थ फाइटर जेट को मार गिराया है।
प्रवक्ता के अनुसार, हमले के दौरान हुए विस्फोट की तीव्रता को देखते हुए पायलट के सुरक्षित इजेक्ट होने की संभावना बहुत कम बताई जा रही है।
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इससे पहले भी ईरान ने 19 मार्च 2026 को दावा किया था कि उसने दुनिया में पहली बार अमेरिकी F-35 लाइटनिंग II लड़ाकू विमान को मार गिराया है। यह विमान अमेरिका के सबसे आधुनिक और महंगे फाइटर जेट्स में से एक माना जाता है।
घटना के बाद मुंबई स्थित ईरान के वाणिज्यिक दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में एक वीडियो और तस्वीर शेयर की गई, जिसमें अमेरिकी एयर फोर्स से जुड़े निशान दिखाई दे रहे थे। पोस्ट में लिखा गया कि ईरान के स्वदेशी डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन के एक और F-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई उस अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद हुई, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया था कि अमेरिकी सेना ने ईरान के एक बड़े पुल को निशाना बनाया है। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।