Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Iran-Oman Deal: तेल और LPG टैंकरों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद, अमेरिका की प्रतिक्रिया का इंतजार

होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान के बीच बड़ी सहमति की खबर सामने आई है। दोनों देशों के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर बातचीत के बाद अब तेल और LPG टैंकरों के रास्ता खुलने की उम्मीद बढ़ी है।
तेल और LPG टैंकरों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद, अमेरिका की प्रतिक्रिया का इंतजार
होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत

होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान के बीच चल रही बातचीत में बड़ा अपडेट सामने आया है। दोनों देशों के बीच इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर सहमति बनने की खबर है। इसके बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि होर्मुज से तेल और LPG ले जाने वाले टैंकरों की आवाजाही फिर से शुरू हो सकती है। हालांकि, इस पूरे मामले में अमेरिका की भूमिका को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है। बताया जा रहा है कि ईरान और ओमान के बीच हुई बातचीत में अमेरिका को सीधे तौर पर शामिल नहीं किया गया। ऐसे में अब दोनों देशों के साथ-साथ दुनिया की नजर भी अमेरिकी प्रतिक्रिया पर है।

होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर बनी सहमति

होर्मुज  दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से बड़ी संख्या में तेल और गैस से जुड़े जहाज गुजरते हैं। ऐसे में इस रास्ते पर किसी भी तरह की रुकावट का असर केवल ईरान और ओमान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। ईरान और ओमान के बीच बातचीत का एक प्रमुख मुद्दा जहाजों की सुरक्षित आवाजाही रहा है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस विषय को दूसरे राजनीतिक मुद्दों से अलग रखकर देखा जा रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ओमान के साथ कई मुद्दों पर बातचीत चल रही है। हालांकि जहाजों की सुरक्षित आवाजाही से जुड़ी व्यवस्था को अलग विषय के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिका की वर्जीनिया स्टेट यूनिवर्सिटी में ताबड़तोड़ फायरिंग, 5 लोग घायल; कई एजेंसियां जांच में जुटीं

ईरान ने कहा- 'पूरी तरह सामान्य स्थिति आसान नहीं'

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा हालात में होर्मुज में पूरी तरह सामान्य स्थिति बहाल करना आसान नहीं होगा। उन्होंने अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों और क्षेत्र में मौजूद नौसैनिक दबाव का जिक्र किया। ईरान का कहना है कि जब तक मौजूदा तनाव और प्रतिबंधों की स्थिति बनी रहती है, तब तक जलडमरूमध्य में पूरी तरह सामान्य और सुरक्षित माहौल बनाना चुनौतीपूर्ण रहेगा। इसका मतलब साफ है कि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की आवाजाही को लेकर सहमति बनने के बावजूद क्षेत्रीय तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

ट्रंप के बयान से बढ़ा था विवाद

होर्मुज को लेकर विवाद उस समय और चर्चा में आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान ईरान के खिलाफ जारी संघर्ष में अमेरिका की जीत का भरोसा जताया। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने यह भी कहा था कि ईरान को हराने के बाद अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को अपने क्षेत्र का हिस्सा घोषित कर सकता है। बाद में वॉल स्ट्रीट जर्नल ने व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि ट्रंप की यह टिप्पणी मजाक के तौर पर की गई थी। हालांकि ईरान ने इस बयान को गंभीरता से लिया और उस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

इंडोनेशिया में फिर कांपी धरती, 12 घंटों में दो बड़े भूकंप, 38 लोगों की मौत, तबाही के बीच रेस्क्यू जारी

ईरान ने साफ किया अपना दावा

ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि होर्मुज पर ईरान का दावा कायम रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस समुद्री मार्ग के संचालन से जुड़े फैसले लेने का अधिकार तेहरान के पास रहेगा। ईरान लंबे समय से होर्मुज क्षेत्र में अपनी रणनीतिक भूमिका को महत्वपूर्ण मानता रहा है। ऐसे में अमेरिका की ओर से इस क्षेत्र को लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी पर ईरान की प्रतिक्रिया बेहद अहम मानी जाती है।

ईरान और अमेरिका के बीच बना तनाव

होर्मुज को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच मतभेद ऐसे समय में सामने आए हैं जब दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ा हुआ है। हाल की बातचीत में होर्मुज का मुद्दा एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि अगर ईरान इस समुद्री मार्ग को खोलता है तो अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी कुछ कार्रवाई रोकने पर विचार कर सकता है। हालांकि, ईरान की ओर से यह संकेत मिलता रहा है कि किसी भी बड़े समझौते के लिए उसकी व्यापक मांगों पर सहमति जरूरी होगी। इनमें क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव को खत्म करना भी शामिल है।

ओमान की भूमिका क्यों अहम है?

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के दौरान ओमान कई बार बातचीत के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। दोनों देशों के साथ ओमान के संबंध होने के कारण वह संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत का रास्ता खोलने में मदद कर सकता है। ऐसे में होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान के बीच बनी सहमति को क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अब अमेरिका के अगले कदम पर नजर

ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर सहमति की खबर से ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े लोगों की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है। हालांकि, होर्मुज को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका इस सहमति पर क्या प्रतिक्रिया देता है और जहाजों की आवाजाही वास्तव में कितनी सामान्य होती है, यह बेहद महत्वपूर्ण होगा।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

Latest Posts