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गुना में एक भी रजिस्ट्री नहीं, स्वामित्व योजना पर पटवारियों का विरोध

स्वामित्व योजना को लेकर मध्यप्रदेश के पटवारियों ने काम बंद कर दिया है। गुना में 400 गांवों की 98 हजार रजिस्ट्रियों का काम अटका है, जबकि प्रदेश में अब तक सिर्फ 30 रजिस्ट्रियां हुई हैं।
गुना में एक भी रजिस्ट्री नहीं, स्वामित्व योजना पर पटवारियों का विरोध

गुना। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना को लेकर मध्यप्रदेश में पटवारियों का विरोध तेज हो गया है। पटवारियों ने योजना के तहत उन्हें विक्रेता की भूमिका में रखे जाने पर आपत्ति जताते हुए काम बंद कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें विक्रेता की भूमिका से अलग नहीं किया जाता, तब तक वे स्वामित्व योजना से जुड़ा काम नहीं करेंगे। गुना में जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र सिंह किरार और अन्य पटवारियों ने प्रेस वार्ता कर योजना के क्रियान्वयन में आ रही परेशानियों और अपनी आपत्तियों के बारे में जानकारी दी। पटवारियों का कहना है कि स्वामित्व योजना पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ी है, इसलिए इसका मैदानी क्रियान्वयन भी पंचायत विभाग के माध्यम से कराया जाना चाहिए। पटवारियों के अनुसार प्रदेश के सभी 55 जिलों में शुरुआती दौर में सिर्फ 30 स्वामित्व रजिस्ट्रियां हो सकी हैं। इसके बाद पटवारियों ने काम रोक दिया। गुना जिले में करीब 400 गांवों में 98 हजार रजिस्ट्रियों का काम प्रभावित है। जिले में अभी तक एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई है। हालांकि दो हितग्राही आवेदन कर चुके हैं और उन्हें पट्टे दिए जा चुके हैं।

पट्टों में विसंगतियों का भी आरोप

पटवारियों ने स्वामित्व योजना के तहत तैयार किए गए आबादी भूमि के पट्टों में विसंगतियों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि कई मामलों में मौके पर एक भाई का कब्जा है, लेकिन पट्टे में तीन भाइयों के नाम दर्ज कर दिए गए हैं। इससे भविष्य में जमीन को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है।पटवारियों की सबसे बड़ी आपत्ति रजिस्ट्री की प्रक्रिया में उनकी भूमिका को लेकर है। उनका कहना है कि उन्हें निष्पादक यानी विक्रेता की भूमिका में रखा जा रहा है। ऐसे में यदि भविष्य में आबादी भूमि को लेकर न्यायालय में विवाद होता है तो पटवारियों को भी पक्षकार बनाया जा सकता है और उन्हें कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। पटवारियों ने यह भी बताया कि कुछ मामलों में पट्टाधारी अपनी आबादी भूमि पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेच चुका है। ऐसी स्थिति में जमीन के खरीदार की ओर से भी कानूनी विवाद खड़ा हो सकता है।

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दो-तिहाई बहुमत से कोर्ट पहुंचे पटवारी

मामले को लेकर पटवारी संघ ने अब न्यायालय का रुख किया है। जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह किरार की अगुवाई में पटवारियों ने दो-तिहाई बहुमत के आधार पर याचिका दायर की है, जिस पर प्रदेशभर के पटवारियों के हस्ताक्षर बताए गए हैं। पटवारी संघ को उम्मीद है कि अदालत में उनकी आपत्तियों पर सुनवाई होगी और उन्हें राहत मिलेगी। इसी आंदोलन के तहत गुना में प्रेस वार्ता कर पटवारियों ने योजना से जुड़ी अपनी समस्याएं और विरोध के कारण सामने रखे।

Rajkumar Rajak
By Rajkumar Rajak

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