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सिर्फ 15 डॉलर में 2.5 अरब डॉलर की सबसे बड़ी क्रिप्टो चोरी! बाइनेंस से 6.3 अरब डॉलर गायब, FBI ने उत्तर कोरिया पर लगाया आरोप

फर्जी नौकरी के पोस्ट से शुरू हुआ हमला, इंजीनियर ने डाउनलोड किया मैलेशियस कोड, 29 अक्टूबर रात 8:20 UTC पर एक ही ट्रांजेक्शन में उड़ा 40% पैसा।  
सिर्फ 15 डॉलर में 2.5 अरब डॉलर की सबसे बड़ी क्रिप्टो चोरी! बाइनेंस से 6.3 अरब डॉलर गायब, FBI ने उत्तर कोरिया पर लगाया आरोप
फाइल फोटो

वॉशिंगटन। हैकरों ने केवल 15 डॉलर खर्च करके 2.5 अरब डॉलर तक एक्सेस हासिल कर लिया और फिर कुछ ही सेकंड में पूरी रकम ट्रांसफर कर दी। यह अब तक की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी चोरी है। यह चौंकाने वाली घटना बाइनेंस (Binance) में हुई उस ऐतिहासिक क्रिप्टोकरेंसी चोरी का मुख्य हिस्सा है, जहां हमलावरों ने एथेरियम (Ethereum) के एक एडवांस फीचर का फायदा उठाकर, एक ही ट्रांजेक्शन में अपनी कुल चोरी का लगभग 40% हिस्सा निकाल लिया। ब्लूमबर्ग के अनुसार यह घटना एक बड़े और जटिल साइबर हमले का हिस्सा थी, जिसमें बाइनेंस से लगभग 6.3 अरब डॉलर की डिजिटल संपत्ति चुरा ली गई। FBI ने इस हमले का संबंध उत्तर कोरिया से जोड़ा है।

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नौकरी के फर्जी पोस्ट ने कराई घटना

बाइनेंस ने बताया कि यह घटना तब शुरू हुई जब एक इंजीनियर नौकरी की एक फर्जी पोस्ट के झांसे में आ गया और उसने एक खतरनाक (मैलेशियस) कोड डाउनलोड कर लिया, जिससे हैकरों को कंपनी के इंटरनल सिस्टम तक पहुंच मिल गई। इसके बाद हैकरों ने एथेरियम के काम करने के तरीके (मैकेनिज्म) का फायदा उठाया। इस तरह जब बाइनेंस अपने ऑपरेशंस को सुरक्षित करने और रोकने की कोशिश कर रहा था तब भी हमलावर अरबों डॉलर की रकम ट्रांसफर करने में कामयाब रहे।

$15 के ट्रांजेक्शन ने पूरा वॉल्ट खाली कर दिया

हमले का मुख्य निशाना ‘बायनेंस 14’ (Binance 14) था जो एक एक्टिव ‘हॉट वॉलेट’ है। इसका इस्तेमाल प्लेटफॉर्म द्वारा ग्राहकों के रेगुलर विड्रॉल (पैसे निकालने) के लिए किया जाता है। ऑनलाइन सेवाओं से सीधे जुड़े होने के कारण इस वॉलेट में ईथर (Ether), स्टेबलकॉइन्स और दर्जनों अन्य टोकन की भारी मात्रा मौजूद थी। बायनेंस के साइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सेंध लगाकर हमलावरों ने ‘बायनेंस 14’ वॉलेट से एक वैध क्रिप्टोग्राफिक सिग्नेचर हासिल कर लिया। 29 अक्टूबर को UTC समय के अनुसार रात लगभग 8:20 बजे उन्होंने एथेरियम नेटवर्क पर निर्देश भेजे, जिसके लिए उन्होंने नेटवर्क की सामान्य ‘गैस फीस’ के रूप में लगभग $15 का भुगतान किया। (गैस फीस वे कंप्यूटेशनल लागत है जो ब्लॉकचेन नेटवर्क पर ट्रांजेक्शन या स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट को प्रोसेस और रिकॉर्ड करने के लिए आवश्यक होती हैं। यह फीस नेटवर्क को सुरक्षित रखने के बदले में वैलिडेटर्स या माइनर्स को भुगतान के रूप में दी जाती है)। $15 के उस ट्रांजेक्शन से कोई क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर नहीं हुई। इसके बजाय इसने हैकर्स के अपने सॉफ्टवेयर को वॉलेट ऑपरेट करने के लिए ऑथराइजेशन (अनुमति) दे दी।

यह दिखाता है कि पब्लिक ब्लॉकचेन कैसे काम करते हैं

एथेरियम की प्रोसेसिंग फीस इस बात पर निर्भर करती है कि किसी कोड को चलाने में कितना कंप्यूटिंग पावर लगता है और नेटवर्क पर कुल कितना लोड है। न कि इस बात पर कि अकाउंट के अंदर मौजूद टोकन की कुल कीमत कितनी है। अरबों डॉलर वाले अकाउंट के एक्सेस राइट्स में बदलाव करने की लागत कुछ डॉलर वाले अकाउंट में बदलाव करने की लागत के बिल्कुल बराबर ही होती है। लगभग साढ़े तीन मिनट बाद हमलावरों ने अपने सॉफ्टवेयर के जरिए एक ही बार में लगभग 2.5 अरब डॉलर की भारी-भरकम रकम ट्रांसफर कर दी।

 इसके कारण तेजी से निकला फंड

यह तेजी से फंड निकलने की घटना EIP-7702 के कारण हुई जो 7 मई 2025 को नेटवर्क के 'पेक्ट्रा' (Pectra) अपग्रेड के दौरान पेश किया गया एक 'ईथरम इम्प्रूवमेंट प्रपोजल' (Ethereum Improvement Proposal) है। लगभग 18 महीनों से उपलब्ध EIP-7702 को यूजर अनुभव को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया था। यह स्टैंडर्ड क्रिप्टो वॉलेट्स को प्रोग्राम करने की सुविधा देता है, जिससे कई अलग-अलग कामों को एक ही स्टेप में किया जा सकता है। इससे किसी थर्ड पार्टी को ट्रांजेक्शन फीस भरने की अनुमति दी जा सकती है। आसान शब्दों में कहें तो यह एक ऐसे सहायक (concierge) को नियुक्त करने जैसा है जिसे कई काम संभालने का अधिकार हो और जिसके लिए हर छोटे काम पर अलग से मंजूरी (sign-off) लेने की जरूरत न पड़े।

हैकर्स बाइनेंस के सिस्टम में घुस चुके थे

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि EIP-7702 ने अपने आप कोई रास्ता नहीं खोला। हैकर्स पहले ही बाइनेंस (Binance) के सिस्टम में घुस चुके थे और उन्होंने इसके 'साइनिंग क्रेडेंशियल्स'  (signing credentials) को हैक कर लिया था। हालांकि, इस फीचर ने हमलावरों के कोड को सीधे 'बाइनेंस 14' (Binance 14) की जगह लेने का मौका दे दिया।

सॉफ्टवेयर की खासियत का ही इस्तेमाल किया

EIP-7702 की 'बंडलिंग' (कई कामों को एक साथ जोड़ने) की क्षमता का इस्तेमाल करके हैकर्स ने सभी विड्रॉल को एक ही ट्रांजेक्शन में मिला दिया। इसके ज़रिए उन्होंने 167,464 ईथर (Ether) और 60 से ज़्यादा अन्य क्रिप्टोकरेंसी निकाल लीं, जिसमें लगभग 1.6 बिलियन डॉलर की कीमत वाला टेथर (USDT) भी शामिल था। कुल मिलाकर, उन्होंने लगभग 2.5 बिलियन डॉलर की रकम चुरा ली।

Puneet Pandey
By Puneet Pandey

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