IRGC बोला :अमेरिका ड्रोन ढेर किया, वीडियो भी शेयर किया, ट्रंप ने अब तक नहीं दी कोई प्रतिक्रिया

तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने खुजेस्तान प्रांत के अहवाज क्षेत्र में अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराया है। ईरानी सरकारी मीडिया ने इस कार्रवाई का एक वीडियो भी जारी किया है। हालांकि, अमेरिका ने अब तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है और न ही वीडियो पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है।
IRGC का दावा, नए डिफेंस सिस्टम से गिराया ड्रोन
IRGC के मुताबिक, अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को उसके नए एयर डिफेंस सिस्टम ने निशाना बनाया। MQ-9 रीपर अमेरिकी सेना का अत्याधुनिक मानव रहित ड्रोन है, जिसका इस्तेमाल निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और सटीक हवाई हमलों के लिए किया जाता है। ईरान का दावा है कि यह कार्रवाई उसकी हवाई सुरक्षा क्षमता का बड़ा प्रदर्शन है। वहीं अमेरिका की ओर से इस दावे पर फिलहाल चुप्पी बनी हुई है।
जंग के बीच दोनों देशों के दावे तेज
अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने लगातार आठवीं रात ईरान के खिलाफ हवाई हमले किए हैं। इससे पहले अमेरिका ने बताया था कि जॉर्डन में ईरान के मिसाइल हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई, जबकि एक सैनिक अब भी लापता है।
उधर, ईरान ने ऐलान किया है कि वह अमेरिका के साथ एक महीने पहले हुए समझौते का पालन नहीं करेगा। ईरान के उप विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने पहले समझौते का उल्लंघन किया, इसलिए अब ईरान भी उसकी शर्तों का पालन नहीं करेगा।
ईरान ने अमेरिकी हमलों में 50 मौतों का दावा किया
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि 27 जून से 18 जुलाई के बीच अमेरिकी हवाई हमलों में 50 लोगों की मौत हुई है, जबकि 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा बंदर अब्बास-रूदान मार्ग पर स्थित दो पुलों को भी अमेरिकी हमलों में नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। इस बीच जॉर्डन की सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान की ओर से दागी गई चार मिसाइलों में से तीन को हवा में ही मार गिराया। चौथी मिसाइल देश के दक्षिणी इलाके में गिरी, लेकिन किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली।
डिसेलिनेशन प्लांट बने नई चिंता
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र के डिसेलिनेशन (समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले) प्लांट भी निशाने पर आ गए हैं। कुवैत ने अपने एक प्लांट पर ईरानी हमले का आरोप लगाया है, जबकि ईरान ने दावा किया कि अमेरिका ने उसके होर्मोजगान स्थित डिसेलिनेशन प्लांट पर हमला किया।
खाड़ी देशों के लिए ये प्लांट बेहद अहम हैं, क्योंकि कुवैत अपनी 90%, ओमान 86%, सऊदी अरब 70% और संयुक्त अरब अमीरात 42% पेयजल जरूरत इन्हीं प्लांटों से पूरी करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन पर हमले जारी रहे तो पूरे खाड़ी क्षेत्र में पानी का बड़ा संकट पैदा हो सकता है।











