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9 महीने तक समुद्र में रहा अमेरिकी युद्धपोत, 8 नौसैनिकों ने की आत्महत्या की कोशिश; अब सामने आई पूरी कहानी

अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर 9 महीने लंबे मिशन के दौरान ऐसी घटना सामने आई, जिसने सबको चौंका दिया। मिशन की अवधि बढ़ती गई, सुविधाओं को लेकर शिकायतें सामने आईं और अब 8 नौसैनिकों के आत्महत्या की कोशिश करने की पुष्टि हुई है। आखिर जहाज पर ऐसा क्या हुआ कि सैनिकों पर इतना दबाव बढ़ गया?
9 महीने तक समुद्र में रहा अमेरिकी युद्धपोत, 8 नौसैनिकों ने की आत्महत्या की कोशिश; अब सामने आई पूरी कहानी
अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर 9 महीने लंबे मिशन के दौरान ऐसी घटना सामने आई

अमेरिकी नौसेना के एक बड़े युद्धपोत पर महीनों तक चले मिशन के बाद ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसने सभी को चौंका दिया है। अमेरिकी नौसेना ने माना है कि USS Abraham Lincoln के नेतृत्व वाले कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में तैनात 8 नौसैनिकों ने मिशन के दौरान आत्महत्या की कोशिश की थी। यह खुलासा ऐसे समय हुआ है, जब लंबे मिशन, खराब सुविधाओं और सैनिकों की मानसिक सेहत को लेकर पहले से सवाल उठ रहे थे।

अमेरिकी नौसेना ने क्या बताया?

अमेरिकी नौसेना के कार्यवाहक सचिव हंग काओ ने सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड को भेजे एक पत्र में 8 आत्महत्या की कोशिशों की पुष्टि की है। हालांकि, यह संख्या सिर्फ USS Abraham Lincoln पर मौजूद सैनिकों की नहीं है। इसमें पूरे कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के लोग शामिल हैं, जिसमें युद्धपोत के अलावा उसके साथ चलने वाले दूसरे जहाज, एयर विंग और अन्य नौसैनिक यूनिट के कर्मचारी भी शामिल हैं। नौसेना के मुताबिक, मिशन के दौरान किसी सैनिक की आत्महत्या से मौत नहीं हुई।

मिशन क्यों बना इतना लंबा?

USS Abraham Lincoln नवंबर 2025 में अमेरिका से रवाना हुआ था। इसे करीब छह महीने के मिशन के बाद मई में वापस लौटना था, लेकिन मिडिल ईस्ट में ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों के चलते इसकी तैनाती लगातार बढ़ती गई। युद्धपोत करीब 286 दिनों तक समुद्र में रहा और सितंबर की शुरुआत में पहली बड़ी पोर्ट विजिट के लिए थाईलैंड पहुंचा। इतने लंबे समय तक समुद्र में रहने का असर सैनिकों की दिनचर्या और मनोबल पर भी पड़ा। परिवारों की ओर से लगातार शिकायतें सामने आईं कि लंबे मिशन के कारण सैनिकों पर दबाव बढ़ रहा है।

खाने-पानी और दूसरी सुविधाओं को लेकर भी सवाल

मीडिया रिपोर्ट्स में जहाज पर खाने की चीजों की कमी, सप्लाई में देरी और प्लंबिंग से जुड़ी परेशानियों का जिक्र किया गया। कुछ रिपोर्ट्स में बुनियादी सामान की उपलब्धता को लेकर भी चिंता जताई गई थी। नौसेना ने इन दावों को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया। हंग काओ ने बताया कि सप्लाई में कुछ देरी हुई थी और खाने के विकल्पों को अस्थायी रूप से कम किया गया था, लेकिन सैनिकों को पर्याप्त और संतुलित भोजन दिया जा रहा था। नौसेना का कहना है कि जहाज पर सैनिकों की मदद के लिए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और धार्मिक सलाहकार भी मौजूद थे।

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गिलिब्रैंड ने सरकार पर उठाए सवाल

सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड ने कहा कि जिन समस्याओं को पहले मीडिया की गलत रिपोर्टिंग बताकर खारिज किया जा रहा था, वे सैनिकों के लिए गंभीर मुद्दे साबित हुई हैं। उन्होंने लंबे मिशन के दौरान सैनिकों की स्थिति और उनकी देखभाल को लेकर सरकार से सवाल किए हैं। यह बयान उनके अपने आकलन के बजाय प्रशासन की स्थिति पर उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जाना चाहिए।

अब अमेरिका लौट रहा है युद्धपोत

करीब नौ महीने लंबे मिशन के बाद USS Abraham Lincoln अब अमेरिका लौट रहा है। वापसी के दौरान सैनिकों को सितंबर की शुरुआत में थाईलैंड के पटाया में कुछ समय जमीन पर बिताने और आराम करने का मौका मिला। यह करीब नौ महीने बाद उनका पहला बड़ा पोर्ट स्टॉप था।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...Read More

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