इंदौर में गर्मी का इम्तिहान शुरू होने से पहले निगम अलर्ट!6 हजार बोरिंग की मरम्मत के साथ 100 नए टैंकर खरीदने की तैयारी

इंदौर। शहर में इस साल बारिश कम होने के बाद अब आगामी गर्मी में पानी की उपलब्धता को लेकर नगर निगम की चिंता बढ़ गई है। गर्मी के मौसम में जैसे-जैसे पानी की खपत बढ़ेगी, वैसे-वैसे जलापूर्ति व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए निगम ने पहले से ही वैकल्पिक इंतजाम जुटाने की कवायद शुरू कर दी है। शहर के पुराने जलस्रोतों को दुरुस्त करने, नए टैंकरों की व्यवस्था करने और जलाशय में पानी का स्तर बढ़ाने जैसे उपायों पर काम किया जा रहा है।
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नगर निगम की योजना के तहत करीब 6 हजार बोरिंग की सर्विसिंग कराई जाएगी, खराब मोटरों को बदला जाएगा और लगभग 100 नए पानी के टैंकर खरीदने की तैयारी है। इसके अलावा यशवंत सागर में नवंबर-दिसंबर के दौरान अतिरिक्त पानी पहुंचाने का प्रयास होगा। चार नई पानी की टंकियों को भी चालू करने की योजना बनाई गई है, ताकि गर्मी के दिनों में शहर के अलग-अलग इलाकों तक पानी पहुंचाने में परेशानी कम हो।
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पुराने जलस्रोतों को दुरुस्त कर बढ़ाई जाएगी उपलब्धता
गर्मी के दौरान नर्मदा के पानी पर निर्भरता और मांग बढ़ने की स्थिति को देखते हुए निगम स्थानीय जलस्रोतों की क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। शहर में मौजूद करीब 6 हजार बोरिंग की जांच और सर्विसिंग कराई जाएगी। जिन बोरिंग में मोटरें खराब हो चुकी हैं या उनकी कार्यक्षमता कम हो गई है, उन्हें बदलने की योजना है।इस कवायद का उद्देश्य यह है कि जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर भी पानी उपलब्ध कराया जा सके। इससे उन क्षेत्रों को राहत मिल सकती है, जहां गर्मी में पानी की मांग बढ़ने के साथ नियमित जलापूर्ति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
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यशवंत सागर को भरने के लिए जुटाया जाएगा अतिरिक्त पानी
कम बारिश का असर यशवंत सागर में जमा पानी पर भी पड़ने की आशंका है। इस बार जलाशय में उसकी क्षमता के मुकाबले कम पानी एकत्र होने के कारण एरोड्रम रोड और आसपास के क्षेत्रों की गर्मियों में जलापूर्ति को लेकर चिंता जताई जा रही है।इस स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम नवंबर और दिसंबर में मालवा-गंभीर तथा नर्मदा की लाइन के माध्यम से पानी लाकर यशवंत सागर में भरने का प्रयास करेगा। योजना का मकसद गर्मी शुरू होने से पहले जलाशय में अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराना है, ताकि अप्रैल से जून के बीच बढ़ने वाली मांग को पूरा करने में मदद मिल सके।
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टैंकरों की संख्या बढ़ेगी, दूरस्थ बस्तियों तक पहुंचेगा पानी
गर्मी में किसी इलाके में पानी की कमी होने पर तत्काल आपूर्ति की व्यवस्था करने के लिए निगम करीब 100 नए टैंकर खरीदने की तैयारी कर रहा है। जरूरत के अनुसार इन टैंकरों के जरिए प्रभावित क्षेत्रों तक पानी पहुंचाया जा सकेगा।दूसरी ओर, शहर की कुछ बस्तियों में संकरी गलियों या पहुंच संबंधी दिक्कतों के कारण टैंकरों से पानी पहुंचाना मुश्किल होता है। ऐसे इलाकों में बोरिंग से जोड़कर नई वितरण लाइनें बिछाने की योजना है। इससे टैंकरों पर निर्भरता कम करने और स्थानीय स्तर पर पानी उपलब्ध कराने का विकल्प तैयार हो सकेगा।
चार नई टंकियों से सुधरेगा जल वितरण
नगर निगम जल वितरण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए गोंदवले धाम, आजाद नगर, नवलखा और यूनिवर्सिटी कैंपस की चार नई पानी की टंकियों को चालू करने की तैयारी कर रहा है। इनके शुरू होने से संबंधित क्षेत्रों में पानी के वितरण को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।इसके साथ ही फलबाग क्षेत्र में सम्पवेल का निर्माण भी किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य जलप्रदाय व्यवस्था की क्षमता बढ़ाना और गर्मी के दौरान जरूरत के मुताबिक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के विकल्प तैयार करना है।
गर्मी में निगम की तैयारियों की होगी असली परीक्षा
कम बारिश के बाद शहर में जलसंकट की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने कई स्तरों पर तैयारी शुरू की है। बोरिंग की मरम्मत, अतिरिक्त टैंकर, जलाशय में पानी भरने और नई टंकियों को चालू करने की योजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण हैं।हालांकि, इन प्रयासों से शहर को कितनी राहत मिलेगी, यह जलस्रोतों में उपलब्ध पानी, योजनाओं के समय पर पूरा होने और वितरण व्यवस्था की प्रभावशीलता पर निर्भर करेगा। फिलहाल निगम का जोर यही है कि गर्मी की शुरुआत से पहले जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए जाएं, ताकि पानी की बढ़ती मांग के बीच शहरवासियों को परेशानी का सामना कम करना पड़े।




















