PU Special :रणबीर कपूर की ‘रामायण’ के सेट डिजाइन में इंदौर की प्रियंशी अग्रवाल का हुनर, 500 से ज्यादा लोगों की टीम के साथ किया काम

प्रभा उपाध्याय, इंदौर। इंदौर में पली-बढ़ीं प्रियंशी अग्रवाल ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी मेहनत और हुनर से पहचान बनाई है। रणबीर कपूर की आगामी फिल्म ‘रामायण’ के भव्य सेट डिजाइन और निर्माण में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फिल्म के सेट तैयार करने के लिए प्रियंशी ने 500 से ज्यादा लोगों की टीम के साथ काम किया। फिल्म में दशरथ के दरबार का सेट बनाने में करीब 45 दिन लगे। फिल्म का पहला भाग 5 नवंबर को रिलीज होने वाला है। प्रियंशी पिछले छह साल से फिल्म सेट डिजाइन और निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस दौरान उन्होंने ‘फर्जी’, ‘पाताल लोक’, ‘पंचायत’, ‘गुलाब गंज’ और ‘धूमधाम’ जैसे प्रोजेक्ट्स में भी काम किया है। ‘रामायण’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट से जुड़कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन डिजाइनरों और वीएफएक्स टीम के साथ काम करने का अवसर मिला।
पुणे से फिल्म मेकिंग की पढ़ाई, ‘फर्जी’ से शुरू हुआ सफर
प्रियंशी अग्रवाल ने पुणे से फिल्म मेकिंग की पढ़ाई की। साल 2017 में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत की। उनका पहला प्रोजेक्ट शाहिद कपूर की वेब सीरीज ‘फर्जी’ था जिसमें उन्होंने इंटर्नशिप की। इसके बाद उन्होंने ‘पाताल लोक’, ‘पंचायत’, ‘गुलाब गंज’ और ‘धूमधाम’ जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम किया। धीरे-धीरे उन्होंने फिल्म सेट डिजाइन और निर्माण के क्षेत्र में अनुभव हासिल किया। पिछले 6 वर्षों से वह इसी क्षेत्र में काम कर रही हैं और अब ‘रामायण’ जैसी बड़े बजट की फिल्म के सेट तैयार करने वाली टीम का हिस्सा बनी हैं।
प्राचीन भारतीय वास्तुकला पर शोध के बाद तैयार किए गए सेट
‘रामायण’ के सेट तैयार करना सामान्य फिल्म सेट बनाने से अलग चुनौती थी। फिल्म की कहानी और उसके कालखंड को ध्यान में रखते हुए प्राचीन भारतीय वास्तुकला, रंगों, वनस्पतियों, जीव-जंतुओं और महलों की बनावट पर शोध किया गया।
प्रियंशी के मुताबिक सेट डिजाइन के लिए अजंता-एलोरा की कला और वास्तुकला से भी संदर्भ लिए गए। उस दौर में इस्तेमाल होने वाले प्राकृतिक रंगों, पत्थरों, नक्काशी और भवनों की विशालता को ध्यान में रखकर सेट तैयार किए गए। फिल्म सिटी में कई सेट वास्तविक आकार में बनाए गए ताकि दृश्यों में भव्यता और वास्तविकता का अनुभव हो सके।
40 से 50 प्रतिशत सेट वास्तविक, बाकी हिस्से वीएफएक्स से तैयार होंगे
फिल्म के सभी दृश्यों को वास्तविक सेट पर तैयार करना संभव नहीं था। इसलिए फिल्म के करीब 40 से 50 प्रतिशत सेट वास्तविक रूप में बनाए गए जबकि बाकी हिस्सों को विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की मदद से तैयार किया जाएगा। इस प्रक्रिया में प्रियंशी की टीम ने वीएफएक्स कलाकारों के साथ भी समन्वय किया। उन्हें खिड़कियों, पेड़ों, पक्षियों, रोशनी और दृश्यों से जुड़ी जरूरी जानकारी दी गई ताकि वास्तविक सेट और डिजिटल रूप से तैयार किए जाने वाले हिस्सों के बीच तालमेल बना रहे। इस तरह सेट डिजाइन और वीएफएक्स को एक साथ जोड़कर फिल्म की दुनिया को पर्दे पर उतारने की तैयारी की गई।
दशरथ का दरबार बनाने में लगे 45 दिन
प्रियंशी के अनुसार, फिल्म में दशरथ के दरबार और लंका के मैदान के सेट तैयार करना सबसे चुनौतीपूर्ण कामों में शामिल रहा। दशरथ के दरबार का सेट बनाने में करीब 45 दिन लगे। इसकी भव्यता, वास्तुकला और बारीकियों को वास्तविक रूप देने के लिए टीम को लगातार काम करना पड़ा। लंका के मैदान की कल्पना को सेट के रूप में तैयार करना भी एक बड़ी चुनौती थी। प्रियंशी और उनकी टीम ने फिल्म की जरूरतों के मुताबिक इन स्थानों की बनावट और दृश्यात्मक रूप पर काम किया। इतने बड़े स्तर पर सेट तैयार करने के लिए 500 से ज्यादा लोगों की टीम के साथ समन्वय करना भी जरूरी था।
अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन डिजाइनर और वीएफएक्स टीम के साथ काम करने का अनुभव
‘रामायण’ में काम करने के दौरान प्रियंशी को अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन डिजाइनर और वीएफएक्स टीम के साथ काम करने का मौका मिला। इस अनुभव से उन्हें बड़े स्तर पर फिल्म निर्माण की प्रक्रिया, सेट डिजाइन की नई तकनीकों और वास्तविक सेट के साथ डिजिटल इफेक्ट्स के तालमेल को समझने का अवसर मिला। फिल्म जैसे बड़े प्रोजेक्ट में सेट डिजाइन केवल किसी स्थान की संरचना तैयार करने तक सीमित नहीं होता। इसमें कहानी के समय, वातावरण, वास्तुकला और दृश्यों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पूरी दुनिया गढ़नी होती है। प्रियंशी की भूमिका भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा रही है।
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मां ने किया प्रोत्साहित, युवाओं को दी पोर्टफोलियो मजबूत रखने की सलाह
प्रियंशी ने अपने करियर में परिवार के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने फिल्म इंडस्ट्री में करियर बनाने के लिए हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया। परिवार के इस समर्थन ने उन्हें अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने का हौसला दिया। फिल्म इंडस्ट्री में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को सलाह देते हुए प्रियंशी ने कहा कि उन्हें अपना पोर्टफोलियो मजबूत रखना चाहिए और इंडस्ट्री के लोगों से संपर्क बढ़ाना चाहिए। साथ ही, छोटे प्रोजेक्ट्स को भी सीखने और अनुभव हासिल करने का अवसर समझना चाहिए। उनके मुताबिक लगातार सीखते रहना और काम के जरिए अनुभव जुटाना इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए जरूरी है।




















