पेंटागन का 78.2 अरब डॉलर का मेगा प्लान, लॉकहीड मार्टिन से खरीदेगा 850 F-35 स्टील्थ फाइटर जेट

वॉशिंगटन। पेंटागन ने लॉकहीड मार्टिन के साथ कम से कम 850 F-35 स्टील्थ फाइटर जेट के लिए 10 साल का समझौता किया है। इस डील का मकसद प्रोडक्शन बढ़ाना, सप्लाई चेन को मजबूत करना और विमानों की अवेलेबिलिटी से जुड़ी लगातार बनी रहने वाली दिक्कतों को दूर करना है।'डिफेंस न्यूज' के अनुसार समझौते के लिए अभी अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी और फंडिंग मिलना बाकी है। इसमें स्पेयर पार्ट्स, मॉडिफिकेशन किट और मेंटेनेंस सपोर्ट भी शामिल हैं। साथ ही, लॉकहीड मार्टिन ने इस प्रोग्राम को सपोर्ट करने के लिए अपनी ओर से कम से कम 7 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया है। इस समझौते के तहत अगले एक दशक में अमेरिकी सेनाओं के लिए हर साल औसतन 85 विमान तैयार किए जाएंगे। यह पेंटागन की फाइनेंशियल ईयर 2027 की खरीद मांग के अनुरूप है। वहीं, हर साल 156 विमानों के प्रोडक्शन की योजना में इंटरनेशनल कस्टमर्स के ऑर्डर भी शामिल हैं, जो F-35 प्रोग्राम के ग्लोबल लेवल को दर्शाते हैं।
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तीन वर्जन हैं विमान के, तीनों की अलग-अलग कीमत
रॉयटर्स के अनुमान के मुताबिक, 10 साल के इस समझौते की कीमत कम से कम 78.2 अरब डॉलर है। यह आंकड़ा F-35A (जो इसके तीनों वेरिएंट्स में सबसे सस्ता है) की 92 मिलियन डॉलर (8,73,49,86,000 भारतीय रुपए) प्रति यूनिट कीमत के आधार पर निकाला गया है। अमेरिकी मरीन कोर के F-35B की कीमत लगभग 121 मिलियन डॉलर प्रति विमान है, जबकि अमेरिकी नेवी के F-35C की कीमत लगभग 110 मिलियन डॉलर है।
F-35 बेड़े को ऑपरेशनल रखने के लिए संघर्ष
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, फाइनल कीमत अलग-अलग वेरिएंट्स के मिक्स पर निर्भर करेगी। साथ ही, महंगाई और लेबर कॉस्ट बढ़ने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी की भी उम्मीद है। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी सेना अपने मौजूदा F-35 बेड़े को ऑपरेशनल रखने के लिए संघर्ष कर रही है। जून में पब्लिश 'गवर्नमेंट अकाउंटेबिलिटी ऑफिस' की एक रिपोर्ट में पाया गया कि इन विमानों का 'मिशन-कैपेबल रेट' फाइनेंशियल ईयर 2021 के 67 प्रतिशत से गिरकर फाइनेंशियल ईयर 2025 में 44 प्रतिशत हो गया है। इसी अवधि के दौरान, इन जेट्स द्वारा अपने सभी असाइंड मिशन को पूरा करने में सक्षम रहने का रेशियो 38 प्रतिशत से घटकर 25 प्रतिशत रह गया है।
रेगुलर ऑर्डर मिलने से रिपेयर में होने वाली देरी कम होगी
लॉकहीड मार्टिन को उम्मीद है कि स्पेयर पार्ट्स और मेंटेनेंस सपोर्ट के लिए रेगुलर ऑर्डर मिलने से रिपेयर में होने वाली देरी कम होगी और विमानों की अवेलेबिलिटी बेहतर होगी।
अमेरिकी वायु सेना का 2035 तक 1,509 लड़ाकू विमानों का लक्ष्य
अमेरिकी वायु सेना का लक्ष्य 2035 तक 1,509 फाइटर जेट का बेड़ा तैयार करना है। अपनी कॉम्बैट एविएशन कैपेबिलिटी को मॉडर्नाइज करने के क्रम में, F-35A के इस फ्लीट का सबसे बड़ा हिस्सा बनने की उम्मीद है। डिफेंस न्यूज के अनुसार, यह लक्ष्य 16 अक्टूबर, 2026 को कांग्रेस को सौंपी गई एक 'फोर्स स्ट्रक्चर रिपोर्ट' में बताया गया था। इस प्लान के तहत, कुल फ्लीट में लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी F-35A की होगी, जबकि F-22 रैप्टर और इसके प्रस्तावित सक्सेसर, F-47, मिलकर लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा बनाएंगे। बाकी 40 प्रतिशत हिस्सा F-15 और F-16 वेरिएंट्स का होगा।
ऑटोनॉमस ड्रोन विंगमैन भी शामिल होंगे
इसके अलावा, अमेरिकी वायु सेना की योजना 2032 तक 500 'कोलैबोरेटिव कॉम्बैट एयरक्राफ्ट' (यानी ऑटोनॉमस ड्रोन विंगमैन) को शामिल करने की भी है। इन एयरक्राफ्ट को 1,509 लड़ाकू विमानों के लक्ष्य में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में ऑटोनॉमस सिस्टम में होने वाली प्रगति के कारण, मानव-संचालित फाइटर जेट्स की जरूरी संख्या में बदलाव आ सकता है।




















