Jio Platforms IPO: निवेशकों ने लगाया 7.4 लाख करोड़ से ज्यादा का दांव, 1.39 करोड़ आवेदन से बना रिकॉर्ड!

Jio Platforms IPO को लेकर शेयर बाजार में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकम्युनिकेशन कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के इस IPO को इश्यू बंद होने तक 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। आंकड़ों के मुताबिक, पब्लिक इश्यू और एंकर इन्वेस्टर्स को मिलाकर कुल बोलियां 7.4 लाख करोड़ से ज्यादा रहीं। वहीं, करीब 1.39 करोड़ आवेदन आने का दावा किया गया, जो भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बड़ा रिकॉर्ड है। जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर को खुला था और 23 अक्टूबर को बंद हुआ। इश्यू खुलने के करीब 100 मिनट के भीतर ही यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। निवेशकों की इस भारी दिलचस्पी ने बड़े IPO के बीच जियो को चर्चा के केंद्र में ला दिया।
1.39 करोड़ आवेदन से बना नया रिकॉर्ड
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की सबसे बड़ी खासियत इसमें आए आवेदनों की संख्या है। आंकड़ों के अनुसार, करीब 1.39 करोड़ लोगों ने इस इश्यू के लिए आवेदन किया। इससे पहले अक्टूबर 2024 में Waaree Energies IPO के दौरान करीब 97.34 लाख आवेदन आने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था। जियो प्लेटफॉर्म्स के आवेदन इस आंकड़े से काफी ज्यादा बताए गए हैं। निवेशकों की इस भागीदारी से पता चलता है कि बड़े ब्रांड और डिजिटल कारोबार से जुड़ी कंपनियों के IPO में लोगों की दिलचस्पी कितनी ज्यादा हो सकती है।
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Jio IPO को कितने गुना सब्सक्रिप्शन मिला?
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में निवेशकों की सभी प्रमुख श्रेणियों से मजबूत मांग आई। आंकड़ों के मुताबिक, 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 438.3 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाई गईं। इन आंकड़ों से साफ है कि बड़े संस्थागत निवेशकों ने इस IPO में सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। हालांकि, ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिलने का मतलब यह नहीं है कि शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद मुनाफा होना तय है।
QIB निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिखाई दिलचस्पी
IPO में Qualified Institutional Buyers यानी QIB श्रेणी को सबसे मजबूत प्रतिक्रिया मिली। इस श्रेणी के लिए रिजर्व शेयरों के मुकाबले 70.55 गुना बोलियां आईं। इसके अलावा Non-Institutional Investors यानी NII श्रेणी 14 गुना सब्सक्राइब हुई। रिटेल निवेशकों की श्रेणी में भी उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 2.72 गुना मांग रही। रिलायंस के मौजूदा शेयरधारकों के लिए रिजर्व हिस्सा 7.60 गुना और कर्मचारियों के लिए रखा गया हिस्सा 2.93 गुना सब्सक्राइब हुआ।
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निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?
- IPO में शेयरों की मांग उपलब्ध शेयरों से काफी ज्यादा रही।
- संस्थागत निवेशकों की भागीदारी मजबूत रही।
- रिटेल निवेशकों ने भी बड़ी संख्या में आवेदन किए।
- शेयर अलॉटमेंट की संभावना आवेदन श्रेणी और उपलब्ध शेयरों पर निर्भर करेगी।
एंकर इन्वेस्टर्स से जुटाए 8,110 करोड़
जियो प्लेटफॉर्म्स ने IPO खुलने से पहले 19 अक्टूबर को एंकर इन्वेस्टर्स से करीब 8,110 करोड़ जुटाए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, 212 एंकर निवेशकों को 1,119 प्रति शेयर के भाव पर शेयर आवंटित किए गए। एंकर इन्वेस्टर्स में BlackRock, Fidelity Investments, GIC और Abu Dhabi Investment Authority जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों के शामिल होने की जानकारी दी गई। एंकर निवेशक आम तौर पर बड़े संस्थागत निवेशक होते हैं, जिन्हें IPO खुलने से पहले तय नियमों के तहत शेयर आवंटित किए जाते हैं। उनकी भागीदारी से किसी इश्यू में संस्थागत रुचि का संकेत मिल सकता है, लेकिन इससे भविष्य में शेयर का प्रदर्शन तय नहीं होता।
Hyundai और Waaree Energies के IPO से कैसे अलग है Jio?
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO आवेदन संख्या और निवेशकों की मांग के कारण खास माना जा रहा है। Waaree Energies के IPO में करीब 97.34 लाख आवेदन आने का रिकॉर्ड था, जबकि जियो के लिए करीब 1.39 करोड़ आवेदन आने की बात कही गई है। वहीं, Hyundai Motor India ने 2024 में करीब 27,870 करोड़ का IPO पेश किया था। जियो प्लेटफॉर्म्स का इश्यू आकार और उससे जुड़ी वित्तीय जानकारी की तुलना आधिकारिक दस्तावेजों से करना जरूरी है, ताकि दोनों इश्यू के वास्तविक आकार और आंकड़ों को सही तरीके से समझा जा सके।
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Jio Platforms IPO के बाद निवेशकों को क्या करना चाहिए?
IPO में भारी मांग के बाद निवेशकों की नजर अब शेयर अलॉटमेंट और लिस्टिंग पर रहती है। लेकिन निवेश का फैसला केवल सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों को देखकर नहीं करना चाहिए। निवेश से पहले इन बातों पर ध्यान दें-
- कंपनी की कमाई और भविष्य की कारोबारी योजनाएं समझें।
- IPO का प्राइस बैंड और कंपनी का मूल्यांकन देखें।
- कंपनी के कर्ज, मुनाफे और जोखिमों का आकलन करें।
- लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत बढ़ने की गारंटी न मानें।
- अपने निवेश के लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार फैसला करें।



















