ट्रंप की ईरान को नई Warning! 'एक और बड़ा हमला करेंगे', ईरान ने दी जवाबी हमले की चेतावनी; कहा- काट देंगे इंटरनेट केबल!

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले के संकेत दिए हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल ने दोबारा हमला किया, तो खाड़ी में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल को निशाना बनाया जा सकता है। इस बयान के बाद दुनिया भर में इंटरनेट सेवाओं और तेल की सप्लाई पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता बढ़ गई है। वहीं, फ्रांस और तुर्की समेत कई देशों ने नए हमले के खिलाफ चेतावनी दी है।
ट्रंप ने ईरान पर फिर हमले के संकेत क्यों दिए?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को फ्लोरिडा में एक रैली के दौरान ईरान के खिलाफ फिर सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक और 'लिटिल एपिक फ्यूरी' कर सकता है। यह उस अमेरिकी सैन्य अभियान का नाम है, जो 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू हुआ था। हालांकि, ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि नया हमला कब होगा और उसका दायरा कितना बड़ा हो सकता है। उनके बयान से यह भी स्पष्ट नहीं हुआ कि अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई का अंतिम फैसला कर लिया है या नहीं।
क्या अमेरिका जल्द खत्म करेगा युद्ध?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस युद्ध को बहुत जल्दी खत्म कर सकता है। लेकिन उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या युद्ध को तुरंत खत्म करना सही होगा या इसे धीरे-धीरे कमजोर पड़ने देना चाहिए। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ दोबारा कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं। नए हमले की तारीख और योजना अभी साफ नहीं है। ट्रंप ने होर्मुज से तेल की आवाजाही जारी रहने की बात कही। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले हमले को लेकर उनके पुराने बयानों के कारण स्थिति और उलझी हुई है।
समुद्र के नीचे की इंटरनेट केबल भी निशाने पर
अमेरिका की धमकी के बाद ईरान ने भी कड़ा रुख दिखाया है। ईरानी अधिकारियों के हवाले से आई खबरों के मुताबिक, अगर अमेरिका और इजराइल ने फिर हमला किया, तो ईरान खाड़ी में समुद्र के नीचे बिछी संचार केबल को निशाना बना सकता है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े एक अधिकारी ने चेतावनी दी कि नए हमले की स्थिति में सैन्य ठिकानों से लेकर जरूरी संचार व्यवस्था तक को खतरा हो सकता है। ईरान ने इन केबल की मरम्मत में रुकावट डालने की भी धमकी दी है।
इंटरनेट केबल को नुकसान हुआ तो क्या होगा?
समुद्र के नीचे बिछी केबल दुनिया के देशों के बीच इंटरनेट और डेटा भेजने का अहम जरिया हैं। इनके जरिए वीडियो कॉल, ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल कारोबार और कई जरूरी सेवाएं चलती हैं। अगर खाड़ी में इन केबल को नुकसान पहुंचता है, तो कुछ देशों में इंटरनेट की रफ्तार और डेटा सेवाओं पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कितनी केबल प्रभावित होती हैं और दूसरे रास्तों से इंटरनेट ट्रैफिक कितना संभाला जा सकता है।
होर्मुज पर दुनिया की नजर
होर्मुज जलडमरूमध्य तेल की सप्लाई के लिए दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां तनाव बढ़ने से तेल ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। तेल की सप्लाई में रुकावट आने पर दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने का खतरा हो सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह स्थिति अहम है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों का असर घरेलू ईंधन और महंगाई पर पड़ सकता है।
फ्रांस और तुर्की ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी?
ईरान पर नए हमले की आशंका के बीच 23 अक्टूबर को इस्तांबुल में कई देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इसमें ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, तुर्की, मिस्र, पाकिस्तान, सऊदी अरब और इटली के प्रतिनिधि शामिल हुए। तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा कि ईरान पर नया हमला युद्ध को पूरे क्षेत्र में फैला सकता है। उन्होंने बातचीत और कूटनीति को संघर्ष खत्म करने का रास्ता बताया। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने भी चेतावनी दी कि तनाव और बढ़ने से किसी को फायदा नहीं होगा और तेल की कीमतों पर गंभीर असर पड़ सकता है।



















