MRI के लिए नहीं खर्च करने होंगे हजारों! गुरुद्वारे में बनेगा सेंटर, 1500-2000 रुपए में होगी जांच

इंदौर। शहर में महंगी मेडिकल जांचों से राहत दिलाने की दिशा में एक अनोखी पहल शुरू हुई है। जवाहर मार्ग स्थित इमली साहिब गुरुद्वारे में अब हाईटेक फाइव स्टार डायग्नोस्टिक सेंटर तैयार किया जा रहा है। करीब 17 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस सेंटर में अत्याधुनिक MRI, CT Scan और पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। खास बात यह है कि यहां जांच की दरें बाजार की तुलना में काफी कम रखने की तैयारी है। सेंटर में MRI के लिए 1500 से अधिकतम 2000 रुपए तक शुल्क लेने की बात कही गई है। इस पहल की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां इलाज और जांच के लिए जाति या धर्म की कोई बाध्यता नहीं होगी। यानी जरूरतमंद मरीज किसी भी समाज, धर्म या वर्ग से हो, वह यहां कम कीमत पर जांच करा सकेगा।
ये भी पढ़ें: ज्योति कॉम्प्लेक्स की पांच दुकानों पर छापा, Apple की नकली एसेसरीज बरामद; 9 लाख का माल जब्त
17 करोड़ की लागत से तैयार होगा सेंटर
श्री गुरु सिंह सभा इंदौर और मुंबई की चार साहिबजादे चैरिटेबल ट्रस्ट के बीच हुए समझौते के बाद इस प्रोजेक्ट को आकार दिया जा रहा है। श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष मोनू भाटिया ने कुछ महीने पहले ट्रस्ट के बाबा पुरिंदर सिंह के साथ एमओयू किया था। ट्रस्ट द्वारा देश के अलग-अलग शहरों में कम कीमत पर डायग्नोस्टिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इंदौर में सेंटर शुरू करने के लिए श्री गुरु सिंह सभा ने गुरुद्वारे में करीब 2500 वर्ग फीट का हॉल ट्रस्ट को उपलब्ध कराया है। यह जगह करीब 15 साल के लिए मुफ्त दी गई है। हाल ही में ट्रस्ट के पदाधिकारी इंदौर पहुंचे और उन्हें सेंटर के लिए निर्धारित स्थान सौंपा गया। इसके बाद निर्माण और सेंटर को तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है।
ये भी पढ़ें: घर पर लगा दी ‘IAS कलेक्टर’ की नेम प्लेट, पूछताछ में खुली पोल! फर्जी अफसर गिरफ्तार
देश के बड़े अस्पतालों जैसी मशीनें लगाने की तैयारी
सेंटर में ऐसी आधुनिक जांच मशीनें लगाने की तैयारी है, जिनका इस्तेमाल देश के बड़े और नामी अस्पतालों में किया जाता है। यहां MRI, CT Scan और पैथोलॉजी की अत्याधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध होगी।योजना के मुताबिक सेंटर को पूरी तरह तैयार करने में करीब पांच महीने का समय लग सकता है। इसके बाद जनवरी में डायग्नोस्टिक सेंटर के साथ मेडिकल स्टोर भी शुरू करने की तैयारी है।
ये भी पढ़ें: 4 या 5 सितंबर... कब है जन्माष्टमी? दूर करें तारीख का कन्फ्यूजन, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
1500 रुपए में MRI, बाजार से काफी कम होगा खर्च
फाइव स्टार डायग्नोस्टिक सेंटर का सबसे बड़ा आकर्षण कम कीमत पर MRI जांच होगी। श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष मोनू भाटिया के मुताबिक यहां MRI के लिए 1500 से 2000 रुपए तक शुल्क रखा जाएगा। उनका दावा है कि यह सुविधा मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में उपलब्ध सबसे कम दरों में से एक होगी। महंगी जांचों के कारण आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को अक्सर इलाज के साथ-साथ डायग्नोस्टिक टेस्ट का खर्च भी उठाना पड़ता है। ऐसे में कम दरों पर MRI और CT Scan जैसी जांच उपलब्ध होने से मरीजों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
ये भी पढ़ें: Raipur: छत्तीसगढ़ की बेटी अमिता श्रीवास ने रचा इतिहास,8848 मीटर पर फहराया तिरंगा
मेडिकल स्टोर में 70 फीसदी तक डिस्काउंट
सिर्फ जांच ही नहीं, सेंटर परिसर में मेडिकल स्टोर भी शुरू किया जाएगा। ट्रस्ट की योजना के अनुसार यहां मरीजों को दवाएं करीब 70 फीसदी तक की छूट पर उपलब्ध कराने की तैयारी है। इससे नियमित दवाएं लेने वाले मरीजों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को फायदा मिल सकेगा।इस तरह सेंटर में जांच और दवा दोनों सुविधाएं एक ही स्थान पर कम कीमत में उपलब्ध कराने की योजना है।
ये भी पढ़ें: छत का पेंट कुछ दिनों बाद क्यों बदलने लगता है रंग? वजह जानकर नहीं करेंगे ये गलती
सिर्फ बीमारी देखी जाएगी, जाति और धर्म नहीं
इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि सेंटर पर मरीज की जाति, धर्म या समाज नहीं, बल्कि उसकी बीमारी और जरूरत देखी जाएगी। यहां सभी वर्गों के लोग जांच करा सकेंगे।सभा के अध्यक्ष मोनू भाटिया के मुताबिक इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं कम खर्च में उपलब्ध कराना है। खासकर महंगी जांचों के कारण जिन मरीजों को परेशानी होती है, उन्हें इससे राहत मिल सकती है।
ये भी पढ़ें: पहले ₹200 में सिम खरीदी, फिर ₹500 में बेची... आखिर साइबर ठगों तक कैसे पहुंची पुलिस ?
पहले भी चोइथराम अस्पताल से हुआ है एमओयू
श्री गुरु सिंह सभा इंदौर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पहले भी पहल कर चुकी है। करीब दो साल पहले सभा ने चोइथराम अस्पताल के साथ सिख समाज के सदस्यों के इलाज के लिए एमओयू किया था। इसके तहत मेडिकल कार्ड बनाए गए और संबंधित मरीजों को डॉक्टर की जांच, मेडिकल टेस्ट और उपचार में रियायत दी गई।




















