राशन के बदले रुपए बांटने का वीडियो बना कार्रवाई का आधार, सीहोर में 16 दुकानें जांच के घेरे में

सीहोर। गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए निर्धारित सरकारी राशन की वितरण व्यवस्था में सामने आ रही शिकायतों ने अब प्रशासन की निगरानी व्यवस्था को भी सक्रिय कर दिया है। जिले में कहीं राशन स्टॉक में अंतर मिला तो कहीं हितग्राहियों को खाद्यान्न नहीं मिलने की शिकायतें सामने आईं। कुछ मामलों में राशन के स्थान पर राशि दिए जाने का वीडियो भी जांच का आधार बना। लगातार मिल रही शिकायतों और निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं के बाद प्रशासन ने अगस्त 2026 में जिले की 16 शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विरुद्ध सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2015 के तहत प्रकरण दर्ज किए हैं। वहीं इछावर अनुविभाग में तीन दुकानों के मामलों में अलग से कारण बताओ सूचना पत्र, निलंबन और वैकल्पिक राशन वितरण की कार्रवाई की गई है।
शिकायतों के बाद खुलने लगा दुकानों का रिकॉर्ड
प्रशासन के अनुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों की लगातार निगरानी की जा रही है। अगस्त में जिले के विभिन्न विकासखंडों और नगरीय क्षेत्रों में उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन कराया गया। इस दौरान राशन स्टॉक में अंतर, राशन नहीं मिलने संबंधी शिकायतें, दुकानों के नियमित रूप से संचालित नहीं होने सहित अन्य अनियमितताएं सामने आईं। सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों को भी जांच का आधार बनाया गया। इन मामलों में प्रशासन ने संबंधित दुकानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई शुरू की है।
16 दुकानों पर कार्रवाई से मचा हड़कंप
जिले में हुई कार्रवाई का दायरा काफी बड़ा है। आष्टा ब्लॉक की गोविंदपुरा, उमरदड़, बापचा बरामद, मार्केटिंग संस्था वार्ड नंबर 4, वार्ड नंबर 5, सिद्दीकगंज और खाचरोद की उचित मूल्य दुकानें कार्रवाई के दायरे में आई हैं। इछावर ब्लॉक की बरखेड़ाकुर्मी, ललियाखेड़ी और दौलतपुर दुकानों के विरुद्ध भी प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इसी तरह बुधनी ब्लॉक की खेरीसिलगेना, खिडियाकुर्मी, नानभेंट, रतनपुर और चिकली तथा भैरूंदा ब्लॉक की मांजीखेड़ी और चींच की दुकानों पर भी कार्रवाई प्रारंभ की गई है।
ये भी पढ़ें: गुना: पुलिस ने साइबर ठगी के 1.35 लाख रुपए लौटाए, पीड़ितों को वापिस मिली राशि
ललियाखेड़ी में शिकायत मिलते ही दुकान निलंबित
इछावर अनुविभाग में कार्रवाई और भी सख्त नजर आई। शासकीय उचित मूल्य दुकान ललियाखेड़ी में राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद एसडीएम इछावर ने तत्काल कार्रवाई की। विंध्यांचल स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित दुकान की विक्रेता निकिता ठाकुर को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। प्रशासन ने दुकान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और हितग्राहियों को राशन उपलब्ध कराने के लिए वितरण व्यवस्था समीपस्थ शासकीय उचित मूल्य दुकान दुदलई से करने के निर्देश दिए।
बरखेड़ाकुर्मी में राशन की जगह राशि बांटने का वीडियो
बरखेड़ाकुर्मी की उचित मूल्य दुकान का मामला भी गंभीर शिकायत के चलते जांच के घेरे में आया। बहुउद्देशीय सेवा सहकारी समिति आमला रामजीपुरा द्वारा संचालित दुकान में हितग्राहियों को राशन के स्थान पर राशि वितरित किए जाने संबंधी वीडियो सामने आया। इसके बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी इछावर से जांच कराई गई। जांच के आधार पर समिति प्रबंधक कृपाल सिंह वर्मा और दुकान विक्रेता जितेन्द्र व्यास को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। संबंधित विक्रेता को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की कार्रवाई भी की गई।
दौलतपुर दुकान पर भी जांच के बाद नोटिस
इछावर की दौलतपुर उचित मूल्य दुकान भी राशन वितरण संबंधी शिकायत के बाद जांच के घेरे में आई। शिकायत मिलने पर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी से जांच कराई गई। जांच के बाद संबंधित विक्रेता रचना मालवीय को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। अब संबंधित पक्ष से जवाब लिया जाएगा और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
गरीबों के राशन पर निगरानी और कड़ी होगी
प्रशासन की कार्रवाई से साफ है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितता की शिकायतों को अब केवल शिकायत तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि जांच और कार्रवाई तक ले जाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा और समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता, समिति या जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2015 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें: सांदीपनि स्कूलों की बस सुविधा की कलेक्टर ने की समीक्षा, रूट रैशनलाइजेशन के दिए निर्देश
अब जवाबदेही की बारी
जिले की 16 दुकानों पर प्रकरण और इछावर की तीन दुकानों पर अलग कार्रवाई ने राशन वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सख्ती का संकेत दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच में किन मामलों में अनियमितता प्रमाणित होती है और संबंधितों पर आगे क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई से उन उचित मूल्य दुकानों में हड़कंप है, जहां राशन वितरण को लेकर शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं।




















