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PU Special :भाजपा का पन्ना प्रबंधन का मास्टर स्ट्रोक, हर वोटर पर नजर रखने की बनी रणनीति

भाजपा ने ओरछा महामंथन में बूथ के बाद अब पन्ना प्रबंधन से हर वोटर को फॉलो करने और निचली इकाई को साधने की रणनीति बनाई है। प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बूथ से एक कदम आगे की रणनीति पर मुहर लगाई गई है।
भाजपा का पन्ना प्रबंधन का मास्टर स्ट्रोक, हर वोटर पर नजर रखने की बनी रणनीति
भाजपा का पन्ना प्रबंधन का मास्टर स्ट्रोक

राजीव सोनी, भोपाल। हर घर यानी 5-6 वोटर पर एक समर्पित कार्यकर्ता की तैनाती की योजना है। मतदाता सूची के हर पन्ने पर दर्ज 30 वोटर्स को 4-5 कार्यकर्ता फॉलो करेंगे। इस महीने 7 जिलों में होने वाले पंचायत उपचुनाव के बाद स्थानीय निकाय, सहकारिता और मिशन 2028 पर फोकस रहेगा। पन्ना प्रमुख सभी घरों की विजिट करेंगे और वाट्सएप ग्रुप बनाकर उनसे संपर्क में भी रहेंगे।

हर घर पर रहेगी नजर

ओरछा में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की पहली कार्यसमिति बैठक में पन्ना प्रबंधन की नई रणनीति पर मंथन किया गया। हर घर अर्थात 5-6 वोटर पर एक समर्पित कार्यकर्ता की तैनाती की योजना है। बूथ मैनेजमेंट की सफलता के बाद पार्टी ने निचले स्तर पर संगठन की कसावट और सशक्तिकरण के लिए यह रणनीति बनाई है।

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हर वोटर को फॉलो करेंगे कार्यकर्ता

कार्यसमिति बैठक के दौरान क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने इस विषय पर खासतौर पर चर्चा करते हुए निचले स्तर के संगठन को सशक्त बनाने की नसीहत दी। हर बूथ पर अमूमन 800 से एक हजार वोटर्स होते हैं। स्थानीय कार्यकर्ताओं को उनके घर के आसपास मौजूद 4-5 घरों से जीवंत संवाद और पार्टी की योजनाओं आदि पर चर्चा करते रहने का प्लान बनाया गया है।

पन्ना प्रमुखों को होगी सभी वोटर्स की जानकारी

मतदाता सूची के हर पन्ने पर दर्ज 30 वोटर्स को 4-5 कार्यकर्ताओं द्वारा फॉलो करने की योजना है। पन्ना प्रमुखों को सभी वोटर्स की जानकारी रहेगी, जिससे कोई भी वोटर छूट नहीं पाएगा। इसके साथ ही वोटिंग प्रतिशत पर भी असर पड़ने की बात कही जा रही है।

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2023 के विधानसभा चुनाव में हो चुका है लिटमस टेस्ट

बूथ प्रबंधन से जुड़े प्रमुख भाजपा नेताओं का मानना है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी का यह प्रयोग काफी सफल रहा। मप्र संगठन के इस लिटमस टेस्ट और नवाचार को अन्य राज्यों में भी सफलतापूर्वक जमीन पर उतारा जा चुका है। नगरीय निकाय के चुनावों में बूथ, क्षेत्र और मतदाता सूची में भी अंतर रहता है, इसलिए अभी पार्टी ने निकाय-सहकारिता चुनाव को देखते हुए तैयारी पर फोकस किया है।

मिशन 2028-29 के लिए और धार देने की तैयारी

इस महीने 7 जिलों में होने वाले पंचायत उपचुनाव के बाद स्थानीय निकाय, सहकारिता और उसके बाद मिशन 2028 को लेकर मप्र भाजपा को पन्ना प्रबंधन के मास्टर स्ट्रोक का टारगेट मिला है। पन्ना प्रमुख सभी घरों की विजिट करेंगे और वाट्सएप ग्रुप बनाकर उनसे संपर्क में भी रहेंगे। इसके बाद इस प्लान को 2028-29 मिशन के लिए और धार देने की पहल की जाएगी।

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पन्ना प्रमुख की भूमिका और ताकत में होगी वृद्धि

मप्र भाजपा प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसोदिया ने कहा कि सभी चुनावों में पार्टी का फोकस बूथ पर रहता ही है। हर पन्ने पर दर्ज सभी 30 वोटर्स से संवाद-संपर्क का सिलसिला बढ़ाने से पन्ना प्रमुख की भूमिका और ताकत बढ़ेगी। मतदान में भी वृद्धि होगी और जाहिर है इसका चुनाव में सीधा लाभ मिलेगा। हर घर की मॉनिटरिंग होगी। वोट प्रतिशत बढ़ाने में मदद मिलेगी। पन्ना प्रमुख सभी घरों की विजिट करेंगे। वाट्सएप ग्रुप बनाकर उनसे संपर्क में भी रहेंगे।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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