इंदौर क्राइम ब्रांच की कार्रवाई : जीरा एक्सपोर्ट करने के नाम पर 1 करोड़ की धोखाधड़ी, 15 बैंक खातों मे डलवाई रकम; गुजरात की महिला गिरफ्तार, देखें VIDEO

इंदौर। इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा गुजरात की रहने वाली एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसने इंदौर के रहने वाली एक महिला के साथ जीरा एक्सपोर्ट करने के नाम पर पहले समझौता किया और फरियादी महिला से अलग-अलग 15 बैंक खातों में एक करोड़ की राशि डलवाई। फरियादी महिला द्वारा धोखाधड़ी की शिकायत इंदौर क्राइम ब्रांच में की गई थी, जिसके बाद पुलिस द्वारा गुजरात की रहने वाली आरोपी महिला को गिरफ्तार किया गया।
दरअसल, आरोपी महिला गुजरात की रहने वाली थी और इंदौर की महिला ने उस पर विश्वास किया, इस कारण से फरियादी महिला आरोपी महिला के झांसे में आ गई। इस मामले में पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला के सभी बैंक खातों को जल्द फ्रीज कर फरियादी महिला के रुपयों को वापस दिलाया जाएगा।
फरियादी महिला ने इस मामले की शिकायत इंदौर क्राइम ब्रांच से की। जिसके बाद महिला आरोपी को पुलिस ने अपना पक्ष रखने के लिए इंदौर भी बुलाया था, लेकिन महिला ने क्राइम ब्रांच को पूरे दस्तावेज फर्जी प्रस्तुत किए। महिला आरोपी रूपल ने इस जीरे को एक्सपोर्ट करने के लिए जितने भी रुपए फरियादी से लिए थे, वो उनसे अपने-अलग अलग रिश्तेदारी के खातों में डलवा लिए थे।
क्या है मामला
डीसीपी क्राइम ब्रांच निमिष अग्रवाल ने बताया की डेढ़ माह पहले इंदौर क्राइम ब्रांच को फरियादी महिला द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि गुजरात की रहने वाली आरोपी रूपल मवानी निवासी सूरत द्वारा महिला फरियादी को पहले अपनी "सोनल कल्टीवेशन " कंपनी की जानकारी दी। फरियादी महिला से एक ब्रोकर के माध्यम अपने अलग-अलग 15 बैंक खातों में रुपए डलवा लिए, लेकिन जब तय समय पर 1 करोड़ का जीरा विदेश नहीं पहुंचा तो फरियादी महिला द्वारा रूपल मवानी से इस कन्साइनमेंट के बारे बात की गई। पहले तो उसने फरियादी महिला को अपनी बातों में उलझाया और उसके बाद फोन उठाना बंद कर दिया।
फरियादी महिला ने इस मामले की शिकायत इंदौर क्राइम ब्रांच से की। जिसके बाद महिला आरोपी को पुलिस ने अपना पक्ष रखने के लिए इंदौर भी बुलाया था, लेकिन महिला ने क्राइम ब्रांच को पूरे दस्तावेज फर्जी प्रस्तुत किए। महिला आरोपी रूपल ने इस जीरे को एक्सपोर्ट करने के लिए जितने भी रुपए फरियादी से लिए थे, वो उनसे अपने-अलग अलग रिश्तेदारी के खातों में डलवा लिए थे।





















