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BRICS Summit 2024 : पीएम मोदी और शी जिनपिंग आज करेंगे मुलाकात, पांच साल बाद हो रही वार्ता पर है पूरी दुनिया की नजर

ब्रिक्स में आज प्रधानमंत्री मोदी देंगे भाषण
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BRICS Summit 2024 : पीएम मोदी और शी जिनपिंग आज करेंगे मुलाकात, पांच साल बाद हो रही वार्ता पर है पूरी दुनिया की नजर
कजान, रूस। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के कजान शहर में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। इसके तहत आज एक ऐतिहासिक बैठक होने जा रही है, जहां प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता होनी है। एशिया के दो दिग्गज देशों के राष्ट्र प्रमुख पांच साल बाद किसी औपचारिक बातचीत में शामिल होंगे, जिस पर अमेरिका और पश्चिमी देशों सहित पूरी दुनिया की नजर है। इस बैठक को वैश्विक राजनीति के मौजूदा हालात को देखते हुए बेहद अहम माना जा रहा है। पीएम मोदी आज यहां भाषण भी देंगे।

पांच साल बाद मिलेंगे मोदी-जिनपिंग

भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों देशों के नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता की पुष्टि की है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आखिरी मुलाकात 2019 में ब्राजील में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हुई थी। अब पांच साल बाद, 2024 में रूस में आयोजित इस ब्रिक्स सम्मेलन में दोनों नेता एक बार फिर मुलाकात करेंगे।

भारत-चीन के बीच अहम समझौता

भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पेट्रोलिंग को लेकर बनी सहमति के बाद यह बैठक हो रही है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी सैन्य तनाव अब समाप्त होता दिख रहा है। चीन ने भी पुष्टि की है कि दोनों देशों के बीच LAC पर गतिरोध खत्म करने के लिए समझौता हुआ है।

गलवान झड़प के बाद बढ़े थे तनाव

15-16 जून 2020 को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, चीन के भी 40 से अधिक सैनिक मारे गए थे, हालांकि चीन ने आज तक अपने हताहत सैनिकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की। चार साल बाद अब दोनों देशों ने सैन्य गतिरोध खत्म करने के लिए आगे कदम बढ़ाए हैं, जिसका परिणाम हाल ही में दोनों देशों के बीच हुआ समझौता है।

पीएम मोदी के भाषण के मुख्य एजेंडे

भारत ब्रिक्स को एक ऐसा मंच मानता है जो वैश्विक संतुलन, विविधता और बहुलता को प्रोत्साहित करता है। ब्रिक्स समिट से पहले 18 अक्टूबर को रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने बताया कि 34 देशों ने ब्रिक्स में शामिल होने की इच्छा जताई है। पिछले साल भी लगभग 40 देश इस ग्रुप में शामिल होने की इच्छा जता चुके हैं। भारत इसे समावेशी और संगठन के विस्तार के रूप में देखता है लेकिन चाहता है कि शामिल होने वाले नए सदस्य राष्ट्र के लिए नियम तय हों। क्योंकि इस ग्रुप को बनाने का मुख्य आधार अर्थव्यवस्था है। 22 अक्टूबर को रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ हुई बैठक में मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष का मुद्दा उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों की शांति को लेकर भारत हर संभव सहयोग करेगा। साथ ही भारत, हाशिए पर पड़े वर्गों के डिजिटल और वित्तीय समावेश को ब्रिक्स के मंच पर प्राथमिकता देना चाहता है और ब्रिक्स के तहत आर्थिक सहयोग बढ़ाने को लेकर प्रतिबद्ध है।

क्या फाइव आइज को जवाब है यह मीटिंग

पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की इस मुलाकात को कनाडा और फाइव आइज देशों को जवाब देने के लिहाज से भी देखा जा रहा है। हाल के दिनों में कनाडा ने भारत पर कई बेबुनियाद आरोप लगाए हैं, जिसमें अमेरिका समेत फाइव आइज समूह के बाकी देश भी उसका समर्थन कर रहे हैं। फाइव आइज दुनिया भर में जासूसी कर एकत्रित सूचनाओं को आपस में साझा करने वाला समूह है। इसमें अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन शामिल हैं।

क्या है BRICS

BRICS (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक प्रमुख समूह है। इसकी स्थापना 2009 में हुई थी और 2010 में दक्षिण अफ्रीका इसके पांचवें सदस्य के रूप में शामिल हुआ। BRICS देशों का वैश्विक GDP में 27% और विश्व व्यापार में 18% योगदान है। इसका मकसद दुनिया की फॉरेन पॉलिसी में अमेरिका के दबदबे को कम करना और अपने संबंधों को नए सिरे से खड़ा करना था। BRICS शब्द को ब्रिटिश इकोनॉमिस्ट जिम ओ’निल ने गढ़ा था। BRICS समूह का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना और वैश्विक मंच पर संयुक्त रूप से प्रभाव डालना है।

यूरोपियन यूनियन को पिछाड़ चुका है ब्रिक्स

ब्रिक्स दुनिया का तीसरा सबसे ताकतवर संगठन है। यह यूरोपियन यूनियन को भी पीछे छोड़ चुका है। ग्लोबल जीडीपी में योगदान की बात करें तो यूरोपियन यूनियन की कुल हिस्सेदारी 14% है, वहीं ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी करीब 27% हो चुका है। इस संगठन को ‘राइजिंग इकोनॉमी’ कॉन्सेप्ट के तहत बनाया गया है। ये भी पढ़ें- Mcdonald Burger : अमेरिका में मैकडॉनल्ड का बर्गर खाने के बाद E Coli Infection फैला, एक शख्स की मौत, 49 बीमार, मेन्यू से कटी प्याज-बीफ पैटीज हटाए
People's Reporter
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