डिजिटल पेमेंट का 45.6% भारतीय परिवार करते हैं उपयोग, खाने-पीने में अब भी ऑफलाइन का दबदबा, किराने में 4.29% डिजिटल लेनदेन: SBI रिपोर्ट

मुंबई। बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की रिसर्च रिपोर्ट में सामने आया है कि अब करीब 45.6 प्रतिशत भारतीय परिवार कम से कम एक उपभोग वस्तु खरीदने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल भुगतान का सहारा लेते हैं। इससे घरेलू खर्च में डिजिटल लेनदेन के बढ़ते चलन का पता चलता है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 54.4 प्रतिशत परिवार अभी भी खरीदारी के लिए डिजिटल भुगतान का उपयोग नहीं करते हैं। घरेलू खर्च की अलग-अलग श्रेणियों में डिजिटल अपनाने की दर अलग-अलग है।
किस कैटेगरी में कितनी खरीदी
ऑनलाइन खरीदारी में उपभोग वस्तुओं और सेवाओं का हिस्सा सबसे ज्यादा 39.68 प्रतिशत है। इसके बाद टिकाऊ वस्तुओं का स्थान है जो 23.3 प्रतिशत है। वहीं खाने-पीने की चीजों की खरीदारी में डिजिटल लेनदेन का हिस्सा सिर्फ 7.10 प्रतिशत है। SBI की रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल घरेलू उपभोग खर्च में खाने-पीने पर होने वाला खर्च लगभग 32.82% है, जो बुनियादी उपभोग की जरूरतों के लगातार महत्वपूर्ण बने रहने को दर्शाता है।

अन्य सेवाओं में कैसा और कितना है डिजिटल खर्च
फर्नीचर और फिक्स्चर तथा चिकित्सा उपकरणों जैसी महंगी वस्तुओं के मामले में डिजिटल अपनाना काफी सीमित है, क्रमशः 0.18% और 0.32%।

आय समूहों के अनुसार अंतर
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आय समूहों के आधार पर डिजिटल अपनाने की दर में काफी अंतर है। जैसे-जैसे मासिक प्रति व्यक्ति उपभोग व्यय (MPCE) बढ़ता है, ऑनलाइन खरीदारी भी बढ़ती जाती है। सबसे कम आय वाले 20% परिवारों में यह 25.3% है, जबकि सबसे अधिक आय वाले 20% परिवारों में यह 69.5% तक पहुंच जाती है। रिपोर्ट में कहा गया है, सबसे निचले और सबसे ऊपरी आय समूहों (क्विंटाइल) के बीच 44.3 प्रतिशत अंकों का अंतर, ऑनलाइन माध्यम अपनाने के मामले में उपभोग के स्तर में एक बड़ा फर्क दिखाता है।
हरियाणा पहले स्थान पर है
राज्यों की बात करें तो भोजन, उपभोग वस्तुओं, सेवाओं और टिकाऊ वस्तुओं पर होने वाले औसत मासिक उपभोग व्यय के मामले में हरियाणा पहले स्थान पर है। गोवा, नागालैंड और केरल भी प्रमुख उपभोग श्रेणियों में सबसे आगे रहने वाले राज्यों में शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी देखा गया है कि जो परिवार डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हैं उनका उपभोग व्यय उन परिवारों की तुलना में अधिक होता है जो भुगतान के पारंपरिक तरीकों पर निर्भर हैं। रिपोर्ट में आगे कहा गया है, डिजिटल माध्यम अपनाने वाले परिवारों का MPCE 7.5% अधिक है। यह दर्शाता है कि ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं का उपभोग स्तर ऊंचा होता है। ये नतीजे बताते हैं कि डिजिटल माध्यम अपनाने का संबंध अधिक उपभोग और उपभोग के विविध तरीकों की ओर झुकाव से है।
जानें यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के बारे में
एनपीसीआई (NPCI) द्वारा 2016 में लॉन्च किया गया UPI आज भारत के डिजिटल भुगतानों का लगभग 84% हिस्सा संभालता है। यह रियल-टाइम (तुरंत) इंटर-बैंक लेनदेन की सुविधा देता है। वर्तमान में UPI 11 देशों में स्वीकार किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और वैश्विक स्तर पर भारत को रियल-टाइम डिजिटल भुगतान के मामले में अग्रणी माना गया है।




















