अब AI खुद करेगा कई काम! बदल रही है सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की दुनिया, IIT रुड़की ने शुरू किया खास प्रोग्राम

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ सवालों के जवाब देने या जानकारी जुटाने तक सीमित नहीं रहने वाला है। आने वाले समय में AI खुद कई काम करने, फैसलों में मदद देने और कंपनियों के सॉफ्टवेयर को ज्यादा स्मार्ट बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। इस बदलाव के साथ सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के काम करने का तरीका भी बदल रहा है। कंपनियों को ऐसे विशेषज्ञों की जरूरत होगी, जो AI आधारित सिस्टम तैयार करने के साथ उनकी सुरक्षा और सही कामकाज का भी ध्यान रख सकें। इसी दिशा में IIT रुड़की ने नया प्रशिक्षण कार्यक्रम पेश किया है।
कंपनियों में तेजी से बढ़ेगा Agentic AI का इस्तेमाल
McKinsey & Company की रिपोर्ट के मुताबिक, 92 फीसदी कंपनियां अगले तीन साल में AI पर अपना निवेश बढ़ाने की योजना बना रही हैं। हालांकि, केवल एक फीसदी कंपनियां ही AI के इस्तेमाल के मामले में पूरी तरह विकसित स्तर पर पहुंची हैं। वहीं, Gartner का अनुमान है कि साल 2028 तक एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर के 33 फीसदी एप्लिकेशन में Agentic AI शामिल हो सकता है। साल 2024 में यह आंकड़ा एक फीसदी से भी कम था। इससे साफ है कि कंपनियों को अब केवल AI टूल इस्तेमाल करने वाले नहीं, बल्कि मजबूत AI सिस्टम बनाने वाले इंजीनियरों की जरूरत होगी।
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IIT रुड़की का नया AI सर्टिफिकेट प्रोग्राम
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए iHUB DivyaSampark, IIT रुड़की ने Agentic और RAG Systems for AI Engineering में पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट प्रोग्राम पेश किया है। यह छह महीने का लाइव ऑनलाइन कोर्स है। इसमें Retrieval-Augmented Generation (RAG) और Agentic AI सिस्टम को तैयार करने, उनकी जांच करने और उन्हें सुरक्षित तरीके से चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका मकसद प्रोफेशनल्स को केवल AI की जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें असल काम में इसका इस्तेमाल करना सिखाना है।
AI सिस्टम की सुरक्षा और सही कामकाज पर जोर
इस कोर्स में छह मुख्य विषयों और 13 मॉड्यूल को शामिल किया गया है। इसमें बताया जाएगा कि किस स्थिति में प्रॉम्प्टिंग, RAG या फाइन-ट्यूनिंग का इस्तेमाल करना सही रहेगा। इसके अलावा मल्टी-एजेंट सिस्टम बनाने और उन्हें संभालने की जानकारी भी दी जाएगी। प्रोग्राम में AI की गलतियों की पहचान, डेटा की जांच, सुरक्षा और प्राइवेसी पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसमें छह प्रोजेक्ट और एक कैपस्टोन प्रोजेक्ट शामिल हैं। प्रतिभागियों को लाइव मास्टरक्लास और इंडस्ट्री विशेषज्ञों के साथ सीखने का मौका मिलेगा।
22 दिसंबर से शुरू होगा नया बैच
यह प्रोग्राम सॉफ्टवेयर इंजीनियरों, AI और डेटा प्रोफेशनल्स, टेक्नोलॉजी आर्किटेक्ट्स, प्रोडक्ट मैनेजर्स और टेक्निकल लीडर्स के लिए तैयार किया गया है। इसमें शामिल होने वालों को प्रोग्राम के दौरान हर सप्ताह करीब 8 से 10 घंटे देने होंगे। नया बैच 22 दिसंबर 2026 से शुरू होगा। पढ़ाई पूरी तरह ऑनलाइन होगी और हर सप्ताह दो लाइव सेशन होंगे। सफल प्रतिभागियों को iHUB DivyaSampark, IIT रुड़की की ओर से ई-सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके लिए तय प्रोजेक्ट, कैपस्टोन और अटेंडेंस की शर्तें पूरी करनी होंगी। योग्य प्रतिभागियों को IIT रुड़की के नोएडा कैंपस में दो दिन के वैकल्पिक कैंपस इमर्शन में शामिल होने का मौका भी मिलेगा। अधिक जानकारी के लिए: ihubiitroorkee.certificates@emeritus.org




















