ग्वालियर में अतिवृष्टि का असर, नंदू का डेरा क्षेत्र से 50 लोगों को किया रेस्क्यू, बड़ेरा में बुजुर्ग लापता, प्रशासन अलर्ट मोड पर

ग्वालियर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश से कई गांवों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वे जल प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी रखें और जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
नंदू का डेरा और खेड़ी रायमल में चलाया गया रेस्क्यू अभियान
शनिवार को डबरा विकासखंड के ग्राम नंदू का डेरा में भारी जलभराव की सूचना पर प्रशासन सक्रिय हुआ। एसडीआरएफ की मदद से यहां से 50 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इनमें से 23 लोगों को डबरा के कम्युनिटी हॉल और रैन बसेरा में बनाए गए राहत शिविरों में पहुंचाया गया, जबकि अन्य लोग अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए। इसी तरह ग्राम खेड़ी रायमल में भी रेस्क्यू अभियान चलाकर प्रभावित लोगों को पंचायत भवन में बनाए गए शिविर में शिफ्ट किया गया है।
बड़ेरा में नदी पार करते समय लापता हुआ व्यक्ति
मुरार विकासखंड के ग्राम टिहौली के पास स्थित बड़ेरा गांव में 55 वर्षीय प्रीतम सिंह कुशवाह बैसली नदी पर बने रपटे को पार करते समय पैर फिसलने से बह गए। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और एसडीआरएफ की टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया। एनडीआरएफ की टीम को भी सहायता के लिए बुलाया गया है। अभी तक व्यक्ति की तलाश जारी है।
भितरवार में पुल-पुलियों पर आवागमन बंद
भितरवार क्षेत्र में लगातार वर्षा को देखते हुए एसडीएम संजीव जैन ने निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। छीमक-भितरवार मार्ग और देवरा-भानगढ़ पुल को सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिया गया है। क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर लोगों को सावधान किया गया है। भितरवार नगर में पांच राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, वहीं हर ग्राम पंचायत में पंचायत भवन और स्कूलों को राहत केंद्र के रूप में तैयार रखा गया है।












