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इंदौर में भीख मांगते बच्चों की सूचना देने पर मिलेंगे 1000 रु.

भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनाने के लिए इंदौर कलेक्टर की अनोखी पहल,सीसीटीवी कैमरों से रखेंगे नजर
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इंदौर में भीख मांगते बच्चों की सूचना देने पर मिलेंगे 1000 रु.

इंदौर। इंदौर शहर को बाल भिक्षावृत्ति मुक्त करने के लिए कलेक्टर आशीष सिंह ने एक नया तरीका निकाला है। कलेक्टर ने सोमवार को कहा कि जो भी व्यक्ति भिक्षावृत्ति करते हुए बच्चों की जानकारी दिए गए वाट्सऐप नंबर पर देगा उसे नगद इनाम दिया जाएगा। बाल भिक्षा वृत्ति में लिप्त बच्चों की सूचना देने के लिए नंबर 9691729017 जारी किया गया है। बाल भिक्षा वृत्ति की चौराहों पर निगरानी सीसीटीवी कैमरों से भी की जाएगी।

कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में टीएल बैठक हुई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर गौरव बैनल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कहा गया कि जारी किए जाने वाले वाट्सएप नम्बर से कोई भी नागरिक फोटो और लोकेशन सहित बाल भिक्षावृत्ति की जानकारी दे सकता है। जानकारी सही पाए जाने पर संबंधित को एक हजार रुपए का इनाम भी दिया जाएगा। साथ ही एक से अधिक बार प्रमाणिक सूचना देने वाले नागरिकों को अलग से भी सम्मानित किया जाएगा।

खजराना -लवकुश चौराहों पर सबसे अधिक संख्या

बाल भिक्षावृत्ति करने वाले यूं तो शहर के हर चौराहों पर मिल जाएंगे लेकिन शहर के दो क्षेत्र ऐसे हैं जहां ये बच्चे सबसे अधिक मिलेंगे, ये दो चौराहे हैं खजराना और लवकुश। इन दोनों चौराहों पर स्थिति यह है कि लाल सिग्नल होने के साथ ही बच्चे कार के पास आ जाते हैं और कार के सामने आकर खड़े हो जाते हैं।

इस तरह चलेगा अभियान

  • महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी कंट्रोल रूम से करेंगे निगरानी ।
  • बाल भिक्षा वृत्ति दिखाई देने पर रेस्क्यू दल को सूचना दी जाएगी
  • दल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू की कार्रवाई का कार्य करेंगे ।
  • जो इसमें सनलिप्त पाए जाएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अभी तक यह हुआ

  • 17 बाल भिक्षु को रेस्क्यू कर पहुंचाया बाल आश्रम
  • 200 परिवारों को काउंसलिंग कर समझाया गया
  • 03 दोषियों पर एआईआर कर कार्रवाई की गई

शहर को बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त कराना ही लक्ष्य

शहर को बालभिक्षावृत्ति से मुक्त कराने को लेकर हमने जो संकल्प लिया है उसमें सभी लोग मिलकर काम कर रहे हैं। अभी तक 17 बच्चों को हमने बाल आश्रमों में भेजा है, करीब 200 से अधिक परिजनों की काउंसलिंग की है। कैमरों से निगरानी करवा रहे हैं। इसके अलावा एक वाट्सऐप नंबर भी जारी किया है। जानकारी देने वाले को एक हजार रुपए का इनाम देंगे। -आशीष सिंह, कलेक्टर इंदौर

 
People's Reporter
By People's Reporter

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