एक चुटकी नमक ने तबाह कर दिया परिवार! पत्नी की हत्या, बेटी की मौत और बेटे ने बचाई जान

इंदौर। सब्जी में नमक ज्यादा होने जैसी मामूली बात से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खौफनाक वारदात में बदल गया। आरोप है कि पति ने पहले पत्नी की हत्या की और इसके बाद अपने ही 10 वर्षीय बेटी और आठ वर्षीय बेटे को तालाब में फेंक दिया। हादसे में बेटी की डूबने से मौत हो गई, जबकि बेटे ने झाड़ियों को पकड़कर किसी तरह अपनी जान बचा ली। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।
संबंधित खबर: पत्नी की हत्या के बाद दोनों बच्चों को तालाब में फेंका: बेटी की मौत; बेटे ने बचाई जान, आरोपी पति हिरासत में
घटना सोमवार रात करीब 9.30 बजे झलारिया क्षेत्र की बताई जा रही है। आरोपी की पहचान सुनील रामअवतार चौहान (37) के रूप में हुई है। वह वाहन चलाने का काम करता है। पुलिस के अनुसार सोमवार रात घर में पत्नी अनिता द्वारा बनाई गई पूड़ी और बड़ी की सब्जी में नमक अधिक होने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर पत्नी को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।
संबंधित खबर: मां को मारा, फिर दीदी पर हमला... 8 साल के मासूम ने सुनाई इंदौर डबल मर्डर की खौफनाक कहानी
खेत में ले जाकर की पत्नी की हत्या
पुलिस जांच के अनुसार विवाद के कुछ समय बाद सुनील पत्नी अनिता को काम के बहाने खेत की ओर ले गया। वहां उसने कथित तौर पर अनिता को पुलिया से नीचे धक्का दे दिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की और गला दबाने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक इसके बाद भी जब उसकी सांसें चलती मिलीं तो आरोपी उसे कुछ दूरी तक घसीटकर ले गया। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने धारदार कटर से अनिता के पेट और गर्दन पर वार किया तथा साड़ी से उसका गला कस दिया। वारदात के बाद आरोपी कुछ देर मौके पर रहा और फिर घर लौट आया। पुलिस ने घटनास्थल से धारदार कटर बरामद करने की बात कही है।
ये भी पढ़ें: इंदौर में गुजरात से आया 1750 लीटर घी जब्त:सैंपल जांच के लिए भेजे
घर लौटा और दोनों बच्चों को साथ ले गया
पत्नी की हत्या के बाद आरोपी घर पहुंचा और अपनी 10 वर्षीय बेटी माही तथा आठ वर्षीय बेटे अजय को साथ लेकर हिंगोरिया स्थित तालाब की ओर चला गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने दोनों बच्चों को तालाब में फेंक दिया। तालाब में गिरने के बाद माही पानी में डूब गई। उसकी मौत हो गई, जबकि अजय ने तालाब में मौजूद झाड़ियों को पकड़ लिया। इसी वजह से वह पानी में बहने से बच गया और बाद में बाहर निकलने में सफल रहा। पुलिस के अनुसार अजय के बयान के आधार पर भी मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
ये भी पढ़ें: कोलकाता के होटल में लगी आग! सोते लोगों पर टूटा आग का कहर, 9 लोगों की जान गई, कई घायल
पत्नी के चरित्र पर करता था शक
एसीपी आशीष पटेल के अनुसार आरोपी सुनील मूल रूप से लोहारदा, जिला देवास का रहने वाला है। उसकी अनिता से वर्ष 2008 में शादी हुई थी। दोनों पहले देवास नाका क्षेत्र में किराये के मकान में रहते थे। करीब 12 दिन पहले ही वे झलारिया में विक्रम के घर में रहने आए थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि सुनील पत्नी के चरित्र को लेकर संदेह करता था। उसे शक था कि अनिता लोहारदा के किसी युवक से बातचीत करती है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। पुलिस के मुताबिक अनिता पहले भी सुनील के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का प्रकरण दर्ज करा चुकी थी। इससे दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया था।
ये भी पढ़ें: झारखंड में डिप्टी कलेक्टर से सिविल जज तक 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द, JPSC-JSSC पर सरकार का बड़ा फैसला!
बेटे के बयान से खुली वारदात की परतें
पुलिस ने आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में मृतका के आठ वर्षीय बेटे अजय के बयान भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब पत्नी की हत्या और दोनों बच्चों को तालाब में फेंकने के पीछे की पूरी परिस्थितियों तथा आरोपी की मंशा की जांच कर रही है।
ये भी पढ़ें: CG NEWS: छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा का विस्तार, किसानों को रिकॉर्ड भुगतान से लेकर Grain ATM तक बड़ा बदलाव
मनोवैज्ञानिक ने कहा- शक बढ़े तो समय रहते मदद लें
मनोवैज्ञानिक डॉ. माया वोहरा के अनुसार पति-पत्नी के बीच लगातार चरित्र संबंधी संदेह रिश्ते में गंभीर तनाव पैदा कर सकता है। यह केवल एक दिन में पैदा होने वाली स्थिति नहीं होती, बल्कि लंबे समय तक व्यवहार में दिखाई देने वाले बदलावों का परिणाम हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि पति-पत्नी के बीच किसी तीसरे व्यक्ति को लेकर विवाद हो या दोनों एक-दूसरे पर बिना ठोस आधार के संदेह करने लगें तो परिवार के बुजुर्गों की मदद लेनी चाहिए। समस्या बनी रहने पर पारिवारिक परामर्श केंद्र या काउंसलर से संपर्क करना बेहतर है।












