बालकनी में कबूतरों ने कर रखा है परेशान ?बिना ₹1 खर्च किए घर के इस 'कबाड़' से भगाएं दूर

शहरों में रहने वाले कई लोग बालकनी, खिड़की या छत पर कबूतरों के बार-बार आने से परेशान रहते हैं। कबूतरों की बीट, पंख और घोंसले न सिर्फ गंदगी फैलाते हैं, बल्कि बदबू और संक्रमण का खतरा भी बढ़ा सकते हैं। कई लोग इन्हें भगाने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं, लेकिन अक्सर कुछ दिनों बाद कबूतर फिर उसी जगह लौट आते हैं। अगर आपके घर में भी यही समस्या है, तो इसके लिए महंगे प्रोडक्ट या केमिकल खरीदने की जरूरत नहीं है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घर में बेकार पड़ी पुरानी CD या DVD इस परेशानी का आसान और कम खर्च वाला समाधान बन सकती है। यह तरीका कबूतरों को नुकसान पहुंचाए बिना उन्हें उस जगह से दूर रखने में मदद करता है।
पुरानी CD कैसे करती है काम?
पुरानी CD या DVD की सतह चमकदार होती है। जब उस पर सूरज की रोशनी पड़ती है और हवा के कारण वह घूमती है, तो अलग-अलग दिशाओं में तेज रोशनी परावर्तित होती है। यह अचानक बनने वाली चमक और लगातार होने वाली हलचल कबूतरों को असहज महसूस कराती है। इसी वजह से कबूतर ऐसी जगह पर बैठने से बचते हैं और धीरे-धीरे वहां आना कम कर देते हैं। यह तरीका पूरी तरह प्राकृतिक है और इसमें किसी भी तरह के रसायन का इस्तेमाल नहीं होता।
ऐसे करें इस्तेमाल
अगर आपके घर में कोई पुरानी CD या DVD पड़ी है, तो उसमें मजबूत धागा बांध दें। इसके बाद उसे बालकनी, खिड़की, छत, गार्डन, एसी के पास या उस जगह पर लटका दें जहां कबूतर सबसे ज्यादा बैठते हैं। ध्यान रखें कि CD हवा में आसानी से हिलती और घूमती रहे। तभी उसकी चमक अलग-अलग दिशाओं में फैलेगी और इसका असर बेहतर होगा। अगर बालकनी या छत बड़ी है, तो अलग-अलग जगहों पर दो या तीन CD भी टांगी जा सकती हैं।
लोगों को क्यों पसंद आ रहा है यह तरीका?
इस उपाय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए अलग से कोई खर्च नहीं करना पड़ता। घर में बेकार पड़ी CD दोबारा इस्तेमाल हो जाती है और कबूतरों को नुकसान पहुंचाए बिना उन्हें दूर रखने की कोशिश की जाती है। इसके अलावा इसमें किसी केमिकल की जरूरत नहीं होती और इसे लगाना या हटाना भी बेहद आसान है।
सिर्फ CD पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं
अगर कबूतर लगातार लौट रहे हैं, तो कुछ दूसरी बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। बालकनी में खाने के दाने, बचा हुआ भोजन या कचरा खुला न छोड़ें। ऐसी चीजें कबूतरों को बार-बार आकर्षित करती हैं। साथ ही घोंसला बनाने लायक सूखी टहनियां या अन्य सामान भी वहां जमा न होने दें। जरूरत पड़ने पर बर्ड नेट या एंटी-बर्ड स्पाइक्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि आसपास नियमित रूप से कबूतरों को दाना डाला जाता है, तो उन्हें रोकना मुश्किल हो सकता है, इसलिए ऐसी आदतों से भी बचना चाहिए।
यह भी जान लें
विशेषज्ञों का मानना है कि पुरानी CD वाली ट्रिक कई जगहों पर कारगर साबित हो सकती है, लेकिन इसका असर हर स्थान और परिस्थिति में एक जैसा हो, इसकी गारंटी नहीं दी जा सकती। यदि कबूतरों की संख्या बहुत ज्यादा है या समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो CD के साथ अन्य सुरक्षित उपाय अपनाना ज्यादा प्रभावी हो सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि ऐसा कोई तरीका न अपनाएं जिससे पक्षियों को नुकसान पहुंचे।












