फ्लाइट में पानी का गिलास छिपाकर क्यों ले जाती हैं एयर होस्टेस ?फ्लाइट अटेंडेंट ने बताया दिलचस्प कारण

अगर आपने कभी हवाई यात्रा की है तो शायद एक बात पर ध्यान गया होगा। कई बार एयर होस्टेस किसी यात्री को पानी देते समय गिलास इस तरह लेकर जाती हैं कि दूसरे यात्रियों की नजर उस पर न पड़े। पहली नजर में यह सामान्य व्यवहार नहीं लगता, लेकिन इसके पीछे एक व्यावहारिक वजह है। 14 साल से फ्लाइट अटेंडेंट के तौर पर काम कर रहीं बारबरा बैसिलिएरी ने इस आदत के पीछे का कारण साझा किया है। उनका कहना है कि यह किसी एयरलाइन का नियम नहीं, बल्कि यात्रियों को समय पर सेवा देने का एक अनुभव आधारित तरीका है।
क्या है पानी का गिलास छिपाने की वजह?
अर्जेंटीना में जन्मीं और फिलहाल स्पेन में रहने वाली बारबरा बैसिलिएरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर 'बार्बी बैक' के नाम से जाना जाता है, ने बताया कि जब किसी यात्री को पानी दिया जाता है तो कई बार केबिन क्रू कोशिश करता है कि दूसरे यात्रियों की नजर उस गिलास पर न पड़े। बारबरा ने मजाकिया अंदाज में कहा, "Water is contagious", यानी "पानी भी संक्रामक होता है।" उनका मतलब था कि जैसे ही दूसरे यात्रियों को किसी के हाथ में पानी का गिलास दिखाई देता है, कई लोग तुरंत खुद भी पानी मांगने लगते हैं। इससे देखते ही देखते पानी की मांग बढ़ जाती है।
सेवा प्रभावित न हो, इसलिए अपनाई जाती है यह ट्रिक
बारबरा के मुताबिक, खासकर लंबी दूरी की उड़ानों में अगर एक साथ कई यात्री पानी मांगने लगें तो भोजन और पेय पदार्थ परोसने की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसी कारण कई फ्लाइट अटेंडेंट अपने अनुभव के आधार पर पानी का गिलास थोड़ा छिपाकर ले जाना बेहतर समझते हैं, ताकि बाकी यात्रियों का ध्यान उस ओर न जाए और सेवा निर्धारित क्रम में चलती रहे। उन्होंने साफ किया कि यह किसी एयरलाइन की आधिकारिक नीति या लिखित नियम नहीं है। अलग-अलग केबिन क्रू अपने अनुभव के अनुसार यह तरीका अपनाते हैं।
यात्रियों को भी दी खास सलाह
बारबरा ने यात्रियों को सलाह दी कि अगर फ्लाइट में मुफ्त पानी उपलब्ध है और आपको प्यास लगी है, तो बार-बार कॉल बटन दबाने के बजाय उचित समय पर गैली में जाकर विनम्रता से केबिन क्रू से पानी मांग सकते हैं। इससे क्रू पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और सभी यात्रियों को बेहतर सेवा मिलती है।
सीट चुनने को लेकर भी दी सलाह
बारबरा ने बजट एयरलाइन Ryanair में यात्रा करने वाले यात्रियों को सीट चुनने को लेकर भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि विमान की आखिरी पंक्ति की सीटों से बचना बेहतर होता है। उनके अनुसार इन सीटों के पास शौचालय और गैली होने के कारण लोगों की लगातार आवाजाही, बातचीत, शोर और कई बार बदबू की समस्या रहती है। इसके अलावा कई विमानों में पीछे की सीटें पूरी तरह पीछे नहीं झुकतीं, जिससे लंबी यात्रा के दौरान असुविधा हो सकती है।












