प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर जिंदगी बचाने का संकल्प, भोपाल में पहली बार अंगदान जागरूकता के साथ रक्तदान अभियान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर पर भोपाल में पहली बार अंगदान जागरूकता और पंजीयन अभियान होगा। शहर में रक्तदान शिविरों के जरिए 5000 यूनिट रक्त जुटाने का लक्ष्य है।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर जिंदगी बचाने का संकल्प, भोपाल में पहली बार अंगदान जागरूकता के साथ रक्तदान अभियान
PM के जन्मदिन पर जिंदगी बचाने का संकल्प

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर भोपाल में इस बार स्वास्थ्य विभाग रक्तदान के साथ अंगदान को लेकर भी बड़ा जागरूकता अभियान चलाने जा रहा है। शहर में पहली बार प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर आयोजित होने वाले अभियान में लोगों को अंगदान के लिए जागरूक करने के साथ इच्छुक लोगों का पंजीयन भी कराया जाएगा। इसके साथ ही अलग-अलग इलाकों में रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इस बार अभियान के तहत 5000 यूनिट रक्त एकत्रित करने का लक्ष्य तय किया है। पिछले साल प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर चलाए गए अभियान में करीब 3000 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ था। इस बार लक्ष्य को बढ़ाकर 5000 यूनिट किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक अभियान का उद्देश्य केवल रक्तदान शिविर आयोजित कर रक्त जुटाना नहीं है बल्कि लोगों को यह संदेश देना भी है कि किसी व्यक्ति का छोटा-सा संकल्प किसी अनजान मरीज के लिए जिंदगी की उम्मीद बन सकता है। इसी सोच के साथ इस बार अंगदान को भी अभियान का हिस्सा बनाया गया है।

17 सितंबर से शहरभर में होंगे जागरूकता कार्यक्रम

17 सितंबर से भोपाल के अलग-अलग क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियां और रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को रक्तदान के महत्व के साथ अंगदान की प्रक्रिया और पंजीयन से जुड़ी जरूरी जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोग अंगदान के बारे में सही जानकारी हासिल करें और अपनी इच्छा के अनुसार इसके लिए संकल्प लें। अधिकारियों का कहना है कि कई लोग अंगदान करना चाहते हैं, लेकिन प्रक्रिया और पंजीयन की जानकारी नहीं होने के कारण आगे नहीं बढ़ पाते। अभियान के जरिए इसी जानकारी के अभाव और झिझक को दूर करने की कोशिश की जाएगी।

एक फैसला किसी दूसरे परिवार की जिंदगी बदल सकता है

अंगदान का संकल्प ऐसा फैसला है, जिसे व्यक्ति अपने जीवनकाल में ले सकता है और जिसका लाभ उसकी मृत्यु के बाद किसी जरूरतमंद को मिल सकता है। प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए उपलब्ध अंग जीवन बचाने का महत्वपूर्ण जरिया बन सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक एक मृत देह से मिलने वाले अंगों के जरिए सात जिंदगियों को रोशन किया जा सकता है। इसी संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए अभियान में अंगदान के महत्व, इसकी प्रक्रिया और पंजीयन से जुड़ी जानकारी साझा की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कई बार लोग अंगदान की इच्छा तो रखते हैं लेकिन उन्हें यह पता नहीं होता कि इसकी शुरुआत कैसे की जाए। ऐसे लोगों को अभियान के दौरान जरूरी जानकारी देकर अंगदान के लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी लेंगे संकल्प

अंगदान जागरूकता अभियान को केवल आम लोगों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे। विभाग के अधिकारी स्वयं अंगदान का फॉर्म भरकर संकल्प लेंगे और लोगों को भी इसके लिए पंजीयन कराने के लिए प्रेरित करेंगे। विभाग का मानना है कि जब जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी खुद आगे आकर अंगदान का संकल्प लेते हैं, तो इससे आम लोगों के बीच अभियान को लेकर भरोसा और जागरूकता दोनों बढ़ती हैं। अधिकारियों की भागीदारी से लोगों को यह संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि अंगदान एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल है, जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी हो सकती है।

पिछले साल 3000 यूनिट, इस बार 5000 यूनिट का लक्ष्य

भोपाल में पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित रक्तदान अभियान में करीब 3000 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया था। इस बार स्वास्थ्य विभाग ने रक्त संग्रह का लक्ष्य बढ़ाकर 5000 यूनिट कर दिया है। इसके लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। विभाग की कोशिश है कि अभियान में ज्यादा से ज्यादा लोग भाग लें और रक्तदान के साथ अंगदान के सामाजिक संदेश को भी आगे बढ़ाया जाए।

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अभियान को सामाजिक संदेश के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा

भोपाल के सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा के मुताबिक प्रधानमंत्री के जन्मदिन के मौके पर पहली बार अंगदान संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान लोगों को अंगदान से जुड़ी प्रक्रिया और जरूरी जानकारी दी जाएगी। उनका कहना है कि यह अभियान सिर्फ एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसे एक सामाजिक संदेश के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। किसी जरूरतमंद को जीवन देने की पहल समाज के हर वर्ग की भागीदारी से संभव है।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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