Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों के झुंड से किसानों में चिंता, फसलों की सुरक्षा के लिए मिर्ची की धुआं कर रातभर दे रहे पहरा

मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सीमावर्ती गांवों में हाथियों की आवाजाही से सतर्कता बढ़ गई है। रिजर्व में करीब 80 हाथियों का झुंड मौजूद है। रविवार रात रंछा गांव के पास भी हाथियों की गतिविधि दर्ज की गई। किसान फसलों की सुरक्षा के लिए रात में पहरा दे रहे हैं। वन विभाग ने निगरानी के लिए विशेष हाथी दल बनाया है।

उमरिया। विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सीमावर्ती गांवों में जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही ने ग्रामीणों और किसानों की नींद उड़ा दी है। रिजर्व में करीब 70 से 80 हाथियों का बड़ा झुंड डेरा डाले हुए है, जो शाम ढलते ही जंगल से निकलकर खेतों और बस्तियों की ओर रुख कर रहा है। ताजा घटनाक्रम में रविवार रात रंछा गांव के पास हाथियों की मूवमेंट दर्ज की गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इससे पहले पतौर, मानपुर परिक्षेत्र और महामन गांव में भी हाथियों की मौजूदगी देखी जा चुकी है।

मिर्च के धुएं का सहारा ले रहे ग्रामीण

झुंड के अलावा रेडियो कॉलर लगे हाथी भी अलग-अलग जंगलों में विचरण कर रहे हैं। खड़ी फसलों को नुकसान से बचाने और जानमाल की सुरक्षा के लिए ग्रामीण रतजगा करने पर मजबूर हैं। हाथी भगाने के लिए ग्रामीण टॉर्च की तेज रोशनी, थाली-ढोल का शोर और मिर्च के धुएं जैसे पारंपरिक और देसी नुस्खों का सहारा ले रहे हैं।

जब हाथियों का झुंड रिहायशी इलाकों या खेतों के पास पहुंचता है, तो वे अपनी सूझबूझ और पारंपरिक तरीकों का सहारा लेते हैं। ग्रामीण मिर्च का धुआं करने जैसे उपायों की मदद से हाथियों को वापस जंगल की तरफ खदेड़ने का प्रयास करते हैं।

हाथियों के करीब न जाने की अपील

ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही रास्तों पर निकलना जोखिम भरा हो गया है और खेतों में जाना खतरे से खाली नहीं है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के करीब जाने का प्रयास न करें और किसी भी मूवमेंट की तत्काल सूचना वन विभाग के कंट्रोल रूम को दें। वहीं वन विभाग द्वारा गठित हाथी दल भी हाथियों की लगातार चौकसी में जुटा हुआ है। जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए हाथियों को बिना नुकसान पहुंचाए वापस गहरे जंगल की ओर मोड़ना है।

'हाथी दल' का गठन किया है

हाथियों की प्रत्येक गतिविधि पर चौबीसों घंटे नजर रखने के लिए विशेष 'हाथी दल' का गठन किया गया है। जैसे ही किसी गांव या खेत के पास हाथियों की सूचना मिलती है, हाथी दल और संबंधित परिक्षेत्र की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंचती है।

-अनुपम सहाय, संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व

Sanjay Tiwari
By Sanjay Tiwari

Latest Posts