ट्विशा शर्मा केस: पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत पर फैसला सुरक्षित, हाईकोर्ट में पूरे दिन हुई सुनवाई

जबलपुर। मामले में गिरीबाला सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह और सीबीआई की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील जैन ने दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत अर्जी पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
12 मई को ससुराल में मृत मिली थी ट्विशा शर्मा
बता दें कि ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थी। इस मामले में पुलिस ने शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80(2) के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
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गिरीबाला सिंह और बेटे समर्थ की हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस ने इसी धारा के तहत पूर्व जज गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ को गिरफ्तार किया था। जमानत का लाभ पाने के लिए गिरीबाला सिंह की ओर से अदालत में अर्जी दाखिल की गई थी।
सीबीआई जांच के बाद बदली गई धारा
मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद दोनों आरोपियों पर धारा 80(2) के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 लगाई गई है। यह धारा आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित है।
दोनों पक्षों ने अदालत में रखीं दलीलें
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान गिरीबाला सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह और सीबीआई की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील जैन ने अपना पक्ष रखा। करीब साढ़े 6 घंटे तक चली सुनवाई के बाद जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की अदालत ने जमानत अर्जी पर फैसला सुरक्षित रख लिया।




















