Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

भारत ने बनाई स्वदेशी ड्रोन बोट, USV निर्माण करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल हुआ देश

पुणे की सागर डिफेंस इंजीनियरिंग ने स्वदेशी अनमैन्ड सरफेस वेसल (USV) बनाया। जानिए क्या है ड्रोन बोट और भारतीय नौसेना के लिए इसकी अहमियत।
भारत ने बनाई स्वदेशी ड्रोन बोट, USV निर्माण करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल हुआ देश

नई दिल्ली। भारत ने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में एक और उपलब्धि हासिल की है। पुणे की निजी रक्षा कंपनी सागर डिफेंस इंजीनियरिंग ने स्वदेशी अनमैन्ड सरफेस वेसल (USV) का निर्माण किया है। यह बिना चालक दल के पानी पर चलने वाली ड्रोन बोट है। इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जो इस तरह के समुद्री प्लेटफॉर्म का निर्माण करने में सक्षम हैं। यह पहल आत्मनिर्भर भारत अभियान और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

क्या है अनमैन्ड सरफेस वेसल (USV)?

अनमैन्ड सरफेस वेसल यानी USV एक ऐसा समुद्री प्लेटफॉर्म है, जिसे चलाने के लिए जहाज पर मानव चालक दल की जरूरत नहीं होती। इसे रिमोट कंट्रोल या पूरी तरह ऑटोमेटिक मोड में संचालित किया जा सकता है। इसे खास तौर पर ऐसे अभियानों के लिए तैयार किया जाता है, जहां मानव कर्मियों की सुरक्षा को लेकर जोखिम अधिक हो सकता है। USV का इस्तेमाल समुद्री निगरानी, टोही, सैनिकों की सुरक्षा और असममित युद्ध जैसी गतिविधियों में किया जा सकता है। इसमें चालक दल की जरूरत नहीं होने के कारण जवानों को सीधे जोखिम वाले क्षेत्रों में भेजने की आवश्यकता कम हो सकती है। दुनिया में समुद्री युद्ध के बदलते तरीकों के बीच ऐसे मानवरहित सिस्टम की भूमिका बढ़ रही है।

भारतीय नौसेना की क्षमता बढ़ाने में मिलेगी मदद

रूस-यूक्रेन युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे क्षेत्रों में बिना चालक वाले समुद्री सिस्टम चर्चा में रहे हैं। ऐसे में स्वदेशी USV का निर्माण भारत की समुद्री रक्षा क्षमताओं के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किए जाने के बाद इस USV को दिल्ली में आयोजित स्वावलंबन प्रदर्शनी में पहली बार जनता के सामने प्रदर्शित किया गया। स्वावलंबन भारतीय नौसेना की ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना और स्वदेशी तकनीक विकसित करने के लिए उद्योगों तथा स्टार्टअप्स के साथ सहयोग बढ़ाना है।

Breaking News

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...

Latest Posts