MP के 38 हजार कोटवारों का आंदोलन तेज, 28 अक्टूबर तक अल्टीमेटम; भोपाल में करेंगे सत्याग्रह

जबलपुर। मध्यप्रदेश में लंबित मांगों को लेकर कोटवारों ने आंदोलन तेज कर दिया है। सोमवार, 26 अक्टूबर को जबलपुर में मध्य प्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ के करीब 50 महिला और पुरुष कोटवारों ने कलेक्ट्रेट के सामने सांकेतिक प्रदर्शन किया। संगठन ने शासन को 28 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया है। मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर 31 अक्टूबर से भोपाल में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
कोटवारों को स्थायी शासकीय कर्मचारी घोषित करने की मांग
कोटवार संघ ने अपनी मांगों को लेकर 18 सितंबर को तहसीलदार के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपा था। संगठन की प्रमुख मांग है कि कोटवारों को स्थायी शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। इसके अलावा सेवाभूमि या मालगुजार भूमि पर भूमिस्वामी अधिकार देने और वर्दी की राशि पहले की तरह सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराने की मांग भी की गई है।
वर्दी से जुड़े कथित घोटाले की जांच की मांग
संगठन ने कोटवारों की वर्दी से जुड़े कथित घोटाले की जांच किसी उच्च स्तरीय एजेंसी से कराने की मांग उठाई है। संघ का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले ठेकेदारों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
काली पट्टी बांधकर विरोध कर रहे 38 हजार कोटवार
राज्य संगठन के आह्वान पर 22 से 28 अक्टूबर तक प्रदेशभर में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। संगठन के मुताबिक, प्रदेश के करीब 38 हजार कोटवार काली पट्टी बांधकर अपने शासकीय कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए विरोध दर्ज करा रहे हैं।
28 अक्टूबर को कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन
आंदोलन के अगले चरण में 28 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। जबलपुर जिले में करीब 1,200 कोटवार कार्यरत हैं। संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों का समाधान नहीं होने पर 31 अक्टूबर से भोपाल में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। संगठन के अनुसार, अधिकारों और सेवा शर्तों से जुड़ी मांगों पर शासन का ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।




















