क्या रोज इयर प्लग लगाकर सोते हैं? जानिए कानों को होने वाले 5 बड़े नुकसान

बहुत से लोग बाहर के शोर से बचने और अच्छी नींद के लिए रात में इयर प्लग का इस्तेमाल करते हैं। सामान्य तौर पर इयर प्लग सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन अगर इन्हें रोज और लंबे समय तक इस्तेमाल किया जाए तो कानों से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इनके सही इस्तेमाल और सफाई का ध्यान रखना जरूरी है।
1. कान में मैल जमा होने का खतरा
रोजाना इयर प्लग लगाने से कान का मैल (ईयर वैक्स) बाहर निकलने के बजाय अंदर ही जमा होने लगता है। अगर इयर प्लग साफ न हों, तो यह समस्या और बढ़ सकती है।
मैल ज्यादा जमा होने पर ये परेशानियां हो सकती हैं-
- सुनने की क्षमता कम होना
- कान बंद होने जैसा महसूस होना
- टिनिटस (कान में सीटी या भनभनाहट की आवाज आना)
ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह से ईयर ड्रॉप या अन्य उपचार लेना चाहिए।
2. कान में संक्रमण का बढ़ सकता है खतरा
अगर कान में जमा मैल समय पर साफ नहीं किया जाए या गंदे इयर प्लग का इस्तेमाल किया जाए, तो बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इससे कान में संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है।
संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं-
- कान में तेज दर्द
- सूजन
- कान से पानी या मवाद आना
- सुनाई कम देना
समय पर इलाज न मिलने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और सुनने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है।
इयर प्लग इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां
अगर आप नियमित रूप से इयर प्लग का इस्तेमाल करते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें-
- कानों की नियमित सफाई करें।
- अगर पहले कान में संक्रमण हो चुका है, तो इयर प्लग इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
- री-यूजेबल इयर प्लग को हर इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह साफ करें।
- डिस्पोजेबल इयर प्लग को दोबारा इस्तेमाल न करें।
- इयर प्लग का रंग, आकार या बनावट बदल जाए या वह सख्त हो जाए, तो उसे तुरंत बदल दें।
कब डॉक्टर से मिलें?
अगर इयर प्लग इस्तेमाल करने के बाद कान में लगातार दर्द, सुनने में कमी, भनभनाहट, सूजन या किसी तरह का स्राव दिखाई दे, तो बिना देरी किए ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराएं। समय पर इलाज कराने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।











