क्या आपके शरीर में भी है आयोडीन की कमी? न करें नजरअंदाज, इन संकेतों से पहचानें और रखें अपनी सेहत का ख्याल

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है। इन्हीं जरूरी मिनरल्स में से एक है आयोडीन। यह शरीर में थायरॉयड हार्मोन बनाने में मदद करता है और थायरॉयड ग्लैंड को ठीक से काम करने के लिए जरूरी होता है। आयोडीन शरीर की ग्रोथ, दिमाग के विकास, मेटाबॉलिज्म और शरीर में एनर्जी बनाए रखने जैसी कई जरूरी प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए शरीर में इसकी सही मात्रा होना बेहद जरूरी है।
आयोडीन की कमी से क्या होता है?
जब शरीर में लंबे समय तक आयोडीन की कमी रहती है, तो थायरॉयड ग्लैंड पर्याप्त मात्रा में थायरॉयड हार्मोन नहीं बना पाती। इससे हाइपोथायरॉयडिज्म जैसी समस्या हो सकती है। आयोडीन की कमी के कारण थायरॉयड ग्लैंड का आकार भी बढ़ सकता है। गर्दन के सामने दिखाई देने वाली इस सूजन को घेंघा या गोइटर कहा जाता है। हाइपोथायरॉयडिज्म होने पर शरीर की कई प्रक्रियाएं धीमी पड़ सकती हैं। इसकी वजह से व्यक्ति को थकान, कमजोरी, वजन बढ़ना और ठंड ज्यादा लगने जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
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प्रेग्नेंसी में ज्यादा सावधानी जरूरी
प्रेग्नेंसी के दौरान आयोडीन की जरूरत और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इसकी कमी होने पर गर्भ में पल रहे बच्चे के दिमाग और शरीर के विकास पर असर पड़ सकता है। छोटे बच्चों में भी आयोडीन की कमी उनकी ग्रोथ और सीखने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं और बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
शरीर में आयोडीन की कमी के ये संकेत दिख सकते हैं
आयोडीन की कमी होने पर हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। हालांकि, कुछ सामान्य संकेतों पर ध्यान देना चाहिए।
- गर्दन के सामने सूजन या गांठ जैसा दिखना
- लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
- बिना किसी खास वजह के वजन बढ़ना
- सामान्य से ज्यादा ठंड लगना
- त्वचा का रूखा होना
- बालों का ज्यादा झड़ना
- कब्ज की समस्या
- ध्यान लगाने में परेशानी
- बच्चों में ग्रोथ और सीखने की क्षमता प्रभावित होना
ध्यान रखें कि इनमें से कई लक्षण दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से भी हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर आयोडीन की कमी मान लेना सही नहीं है। ऐसे संकेत नजर आने पर डॉक्टर से सलाह लेकर सही कारण का पता लगाना चाहिए।
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किन लोगों में कमी का खतरा ज्यादा?
कुछ लोगों में आयोडीन की कमी का खतरा दूसरों की तुलना में ज्यादा हो सकता है। इनमें गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली महिलाएं, आयोडीन की कमी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग और आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल न करने वाले लोग शामिल हो सकते हैं।
इन चीजों से पूरी कर सकते हैं आयोडीन की जरूरत
आयोडीन की कमी से बचने के लिए खानपान पर ध्यान देना जरूरी है। आयोडीन युक्त नमक इसका सबसे आसान स्रोत माना जाता है। इसके अलावा दूध, दही, पनीर, अंडे और मछली से भी आयोडीन मिल सकता है। अगर आप शाकाहारी हैं, तो आयोडीन युक्त नमक और डेयरी प्रोडक्ट्स को अपनी डाइट में शामिल करके इसकी जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है।
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बिना सलाह के न लें आयोडीन सप्लीमेंट
आयोडीन की कमी पूरी करने के लिए खुद से सप्लीमेंट लेना सही नहीं है। शरीर में आयोडीन की जरूरत से ज्यादा मात्रा भी थायरॉयड से जुड़ी परेशानियां बढ़ा सकती है। इसलिए संतुलित डाइट लें और अगर आयोडीन की कमी का शक हो या ऊपर बताए गए लक्षण नजर आएं, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।












