हरदा:पटवारियों ने काली पट्टी बांधकर किया काम

वर्षों से लंबित पदोन्नति सहित अन्य प्रमुख मांगों को लेकर पटवारी संघ का तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश के बाद रविवार से आंदोलन के दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है। जिसके तहत पटवारियों ने अपने-अपने तहसील मुख्यालयों पर सोमवार को काली पट्टी बांधकर शासकीय कार्य किया। वहीं तहसीलदारों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी पांच सूत्रीय मांगों को बल दिया है। मध्य प्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय संवाद समिति अध्यक्ष राजीव जैन ने बताया कि वर्षों से संगठन शासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखता आ रहा है लेकिन आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
मुख्यमंत्री ने दिया था आश्वासन
संघ के अनुसार मुख्यमंत्री से पूर्व में हुई चर्चा के दौरान पटवारी महाधिवेशन आयोजित कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन न तो महाधिवेशन की तिथि घोषित की गई और ना ही लंबित मांगों को लेकर कोई आदेश जारी हुए । इससे पूरे प्रदेश का पटवारी संवर्ग स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहा है। पटवारी संघ के उपेन्द्र बघेल ने कहा कि प्रदेश में पिछले करीब 18 वर्षों से पटवारियों की पदोन्नति नहीं हुई है जबकि अन्य विभागों में लगातार पदोन्नति के आदेश जारी किए जा रहे हैं। इससे पटवारियों में भारी असंतोष है। उन्होंने मांग की है कि पटवारियों को पदोन्नति और पद के अनुरूप समयमान वेतनमान का लाभ दिया जाए। यह भी कहा कि आंदोलन के दूसरे चरण में प्रदेशभर के पटवारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। साथ ही सभी तहसीलों में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
अगले चरण में व्हाट्सएप ग्रुपों का बहिष्कार
पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन के अगले चरण में प्रदेशभर के पटवारी शासकीय व्हाट्सएप ग्रुपों का बहिष्कार करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर शासकीय योजनाओं से जुड़े अतिरिक्त कार्यों का भी विरोध किया जाएगा।
सरकार से समाधान की उम्मीद
संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पटवारी संघ के प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए आमंत्रित कर वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान किया जाए। संघ का कहना है कि प्रदेश का समस्त पटवारी संवर्ग सरकार के सकारात्मक निर्णय की प्रतीक्षा कर रहा है। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन को बाध्य होंगे।
Edited By: Sumit Shrivastava












