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हनुमानगढ़ में हालात बेकाबू :किसानों-पुलिस में हिंसक झड़प, इलाके में धारा 144 लागू

हनुमानगढ़ के राठीखेड़ा गांव में एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में किसानों का 15 महीने से चल रहा आंदोलन बुधवार को हिंसा में बदल गया। महापंचायत के बाद सैकड़ों किसान फैक्ट्री परिसर में घुस गए, दीवार तोड़ दी और 16 से ज्यादा वाहनों में आग लगा दी।
किसानों-पुलिस में हिंसक झड़प, इलाके में धारा 144 लागू
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    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के राठीखेड़ा गांव में निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ किसानों का विरोध अचानक उग्र हो गया। दोपहर में टिब्बी SDM कार्यालय के पास हुई महापंचायत तो शांत रही, लेकिन शाम होते-होते हालात तनावपूर्ण बन गए। सभा खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ फैक्ट्री साइट की ओर निकल पड़े।

    दीवार तोड़ी, 16 से ज्यादा वाहन जले

    फैक्ट्री परिसर पहुंचते ही भीड़ ने ट्रैक्टरों प्लांट की दिवारे गिरा दी। इसके बाद उपद्रव भड़क गया और प्रदर्शन हिंसा में बदल गया। गुस्साए लोगों ने 16 से ज्यादा वाहनों पर आग लगा दी, जिनमें 10 कारें, मोटरसाइकिलें, एक पुलिस जीप और एक JCB मशीन शामिल थी। देखते ही देखते पूरा परिसर धुएं से भर गया।

     पुलिस-किसान भिड़ंत, कई घायल

    स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। दोनों ओर से पथराव भी हुआ। इस झड़प में 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई किसानों के चोटिल होने की खबर है। संगरिया के कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया भी कथित रूप से इस झड़प में घायल हुए। बवाल के बाद पुलिस ने 7 किसानों को हिरासत में ले लिया।

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    15 महीने से चल रहा विरोध

    राठीखेड़ा क्षेत्र में करीब 450 करोड़ रुपए की लागत से अनाज आधारित एथेनॉल फैक्ट्री का निर्माण हो रहा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि इस प्लांट से प्रदूषण बढ़ेगा, भूजल पर असर पड़ेगा और खेती पर सीधा नुकसान होगा। यही कारण है कि किसान पिछले 15 महीनों से लगातार इसका विरोध कर रहे हैं।

    प्रशासन की चेतावनी और कड़ी सुरक्षा

    एसपी का कहना है कि हिंसा में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। आनन-फानन में स्कूल, कॉलेज और बाजार बंद कर दिए गए हैं। आसपास इंटरनेट सेवा रोक दी गई है और पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू है।

    क्लियरेंस को लेकर सवाल

    ड्यून इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी यह प्लांट बना रही है। दावा है कि यह प्रोजेक्ट सरकार के इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल कार्यक्रम को सपोर्ट करेगा। लेकिन किसानों का आरोप है कि पर्यावरण मंजूरी (EC) 2022 से लंबित है, फिर भी निर्माण कार्य जारी है, जिससे ग्रामीणों में अविश्वास बढ़ा है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

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