ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसे में 16वीं मौत, प्रसाद की दुकान चलाने वाले मोतीराम ने दम तोड़ा

ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। मंगलवार सुबह हादसे में गंभीर रूप से घायल 78 वर्षीय मोतीराम प्रजापति की लिंक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मोतीराम मंदिर के गेट के पास प्रसाद की दुकान लगाते थे। हादसे के बाद से उनका इलाज चल रहा था। उनकी मौत की खबर से सातऊ गांव में शोक की लहर है।
57 श्रद्धालु आए थे ट्रक की चपेट में
यह हादसा 17 अक्टूबर की रात हुआ था। मंदिर की ओर जा रहे श्रद्धालुओं को धान से भरे एक बेकाबू ट्रक ने कुचल दिया था। हादसे में कुल 57 श्रद्धालु ट्रक की चपेट में आए थे। पहले 15 लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। मंगलवार को मोतीराम की मौत के बाद मृतकों की संख्या 16 हो गई है। हादसे में 41 लोग घायल बताए गए हैं।
चोट के कारण खून की नस में जम गया था थक्का
परिजन मोतीराम को घायल अवस्था में लिंक हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों के मुताबिक, हादसे में लगी चोट के कारण उनकी खून की नली में थक्का जम गया था। इसे सुपरफिशियल फीमोरल थ्रोम्बोसिस बताया गया। मोतीराम को साल 2024 में हार्ट अटैक भी आया था, जिसके बाद उनके दिल में स्टेंट डाला गया था। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी, लेकिन मंगलवार सुबह उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
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परिवार का भरण-पोषण करते थे मोतीराम
मोतीराम मंदिर परिसर के गेट के पास प्रसाद की दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। हादसे के बाद से उनका अस्पताल में इलाज जारी था। सोमवार शाम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने अस्पताल पहुंचकर मोतीराम और उनके परिजनों से मुलाकात की थी। मंगलवार सुबह उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
हादसे में 16 लोगों की मौत
1. गौरव परिहार
आयु: 18 वर्ष
निवासी: बड़ागांव, खुरई
2. पवन राठौर
आयु: 23 वर्ष
निवासी: गदाईपुरा, हजीरा
3. प्रिंस जाटव
आयु: 16 वर्ष
निवासी: ठाठीपुर, चौहान प्याऊ, ग्वालियर
4. देवेश बघेल
आयु: 17 वर्ष
निवासी: मावटा, भितरवार
5. हेमंत राठौर
आयु: विवरण उपलब्ध नहीं
निवासी: शिवनगर, गदाईपुरा
6. विमलेश बघेल
आयु: 18 वर्ष
निवासी: महागयारा थाना, सीहोर जिला शिवपुरी
7. महेश शर्मा
आयु: 45 वर्ष
निवासी: सहरसाम, श्योपुर जिला
8. शौर्य शर्मा
आयु: 15 वर्ष
निवासी: सहरसाम, श्योपुर
9. सरला तोमर
आयु: 50 वर्ष
निवासी: हनुमान पहाड़ी, गुड़ा गुड़ी का नाका
10. सतेन्द्र सिंह
आयु: 22 वर्ष
निवासी: महलगांव
11. अशोक त्यागी
आयु: 45 वर्ष
निवासी: सदर
12. नीतेश उर्फ रितेश
आयु: 18 वर्ष
निवासी: मेला ग्राउंड, दुल्लापुर
13. अमन त्यागी
आयु: 13 वर्ष
निवासी: मुरैना हॉल, निवास ग्वालियर
14. लव त्यागी
आयु: 15 वर्ष
निवासी: मुरैना हॉल, निवास ग्वालियर
15. दिव्यांश कुशवाहा
आयु: 17 वर्ष
निवासी: महेशपुरा, सिकंदर कंपू
16. मोतीराम प्रजापति
आयु: 78 वर्ष
निवासी: सातऊ गांव, ग्वालियर
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संजय और कल्पना को एयर एम्बुलेंस से भोपाल AIIMS भेजा
हादसे में गंभीर रूप से घायल संजय शर्मा और 19 वर्षीय कल्पना परिहार को बेहतर इलाज के लिए भोपाल AIIMS भेजा गया। संजय को सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12:10 बजे एयर एम्बुलेंस से शिफ्ट किया गया। वहीं, कल्पना को मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे भोपाल भेजा गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार शाम घायलों के इलाज की जानकारी ली थी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि उपचार में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।
परिवार के साथ दर्शन करने पहुंचे थे संजय
श्योपुर निवासी संजय शर्मा शनिवार को परिवार के साथ बैराड़ में एक तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसके बाद वे सहसराम गांव में अपने भाइयों से मिलने गए और बड़े भाई महेश को साथ लेकर ग्वालियर पहुंचे। संजय यहां मकान बनवा रहे थे और चाहते थे कि महेश निर्माण कार्य की देखरेख करें। इसके बाद संजय अपनी पत्नी छाया, दोनों बेटों और भाई महेश के साथ शीतला माता मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। रात करीब 1:30 बजे हुए हादसे में उनके भाई महेश और मासूम शौर्य की मौत हो गई, जबकि संजय गंभीर रूप से घायल हो गए।
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नो-एंट्री वाले रास्ते पर 7 किलोमीटर तक पहुंचा ट्रक
जानकारी के मुताबिक, मंदिर की ओर जाने वाले नो-एंट्री मार्ग पर धान से भरे दो ओवरलोड ट्रक करीब 7 किलोमीटर तक पहुंच गए थे। संकरे रास्ते और मंदिर के पास खड़ी ढलान पर एक ट्रक रुक गया, जबकि पंजाब नंबर का दूसरा ट्रक बेकाबू होकर नीचे की ओर लुढ़कने लगा। ट्रक रास्ते में दुकानों और श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में लेता हुआ आगे बढ़ा। इसी दौरान वह मंदिर के करीब 200 साल पुराने सीमेंट-कंक्रीट के गेट से टकराकर रुक गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक गेट से नहीं टकराता तो आगे कतार में खड़े अन्य श्रद्धालु भी उसकी चपेट में आ सकते थे।
हादसे से 15 मिनट पहले SSP संभाल रहे थे भीड़
शनिवार रात 8 बजे के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी थी। हालात को देखते हुए ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह खुद मंदिर पहुंचे और भीड़ को नियंत्रित किया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वे मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ संभालते दिखाई दिए। सूत्रों के मुताबिक, एसएसपी के वहां से निकलने के करीब 15 मिनट बाद वायरलेस पर ट्रक की चपेट में श्रद्धालुओं के आने की सूचना मिली।
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150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के बावजूद कैसे घुसा ट्रक?
शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की जानकारी सामने आई है। पुलिस की ड्यूटी तीन शिफ्ट में लगाई जाती है—सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक, दोपहर 3 बजे से रात 11 बजे तक और रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक।
इसके बावजूद नो-एंट्री वाले रास्ते पर ओवरलोड ट्रकों के पहुंचने और फिर हुए हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना में 16 लोगों की मौत के बाद अब यह भी अहम है कि प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रकों की एंट्री कैसे हुई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।




















