देवास में जवारा विसर्जन के दौरान मधुमक्खियों का हमला, 20 से ज्यादा लोग घायल

देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के राजोदा गांव में मंगलवार सुबह जवारा विसर्जन के दौरान मधुमक्खियों ने लोगों पर हमला कर दिया। इस घटना में 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इनमें से छह से अधिक लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मधुमक्खियों के अचानक हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अपनी जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे।
कुएं में नहाने के दौरान भड़कीं मधुमक्खियां
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 9 बजे गांव में जवारा विसर्जन का कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान 5-6 लोग नहाने के लिए कुएं में कूदे। कुएं के ठीक ऊपर पीपल के पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि नहाते समय पानी के छींटे छत्ते तक पहुंचे, जिसके बाद मधुमक्खियां भड़क गईं और वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से लोग घबरा गए। घटना में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए, जिनमें से छह से अधिक को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
जान बचाने के लिए 2 किलोमीटर तक भागे लोग
घायल संतोष पाटीदार ने बताया कि जवारे लेकर लोग कुएं के पास बैठे थे। इसी दौरान कुछ लोग नहाने के लिए कुएं में उतरे। पानी के छींटे पीपल के पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के छत्ते तक पहुंचे, जिसके बाद मधुमक्खियों ने लोगों पर हमला कर दिया। संतोष के मुताबिक, शुरुआत में लोगों को लगा कि मधुमक्खियां कुछ देर में शांत हो जाएंगी, लेकिन हमला लगातार बढ़ता गया। इसके बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। कुछ लोग मधुमक्खियों से बचने के लिए करीब 2 किलोमीटर तक दौड़े।
नेट ओढ़कर बचाई जान, 15 मिनट तक अंदर रहे लोग
संतोष पाटीदार ने बताया कि मधुमक्खियों से बचने के लिए लोगों ने नीम की डालियों और हाथों का सहारा लिया। उन्होंने खुद को और दूसरे लोगों को नेट ओढ़ाकर सुरक्षित करने की कोशिश की। संतोष के अनुसार, वे करीब 15 मिनट तक नेट के अंदर बैठे रहे। इस दौरान मधुमक्खियां ऊपर मंडराती रहीं और डर के कारण लोग बाहर नहीं निकल पाए। घटना के बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जवारा विसर्जन के दौरान हुए इस अचानक हमले से गांव में दहशत का माहौल बन गया।




















