अमित शाह का पंजाब दौरा, बिक्रमजीत सिंह के परिवार से की मुलाकात; झोटा हत्याकांड की जांच करेगी CBI

अमित शाह ने सबसे पहले गुरदासपुर के बटाला स्थित मारी पनवां गांव में बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की। इसके बाद उनका संगरूर के तूर बनजारा गांव में गुलजार सिंह के परिवार से मिलने और फिर मानसा में परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से मुलाकात करने का कार्यक्रम है। झोटा के परिवार ने हत्या की सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शाह के दौरे से कुछ घंटे पहले झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किए जाने की जानकारी दी।
गुरदासपुर में बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मिले शाह
अमित शाह सबसे पहले गुरदासपुर जिले के बटाला स्थित मारी पनवां गांव पहुंचे, जहां उन्होंने बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की। बिक्रमजीत की 15 अक्टूबर को कथित तौर पर अपने इलाके में मादक पदार्थों की बिक्री का विरोध करने के कारण हत्या कर दी गई थी। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में कहा था कि हत्या दो समूहों के बीच मोबाइल फोन को लेकर हुए विवाद का नतीजा थी। घटना को लेकर सामने आए अलग-अलग दावों के बीच शाह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
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संगरूर में गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात का कार्यक्रम
गुरदासपुर के बाद अमित शाह संगरूर जिले के तूर बनजारा गांव पहुंचने वाले हैं, जहां वह गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात करेंगे। गुलजार सिंह ने पिछले महीने नशे के मुद्दे को उठाने के बाद आत्महत्या कर ली थी। आरोप है कि पंचायत के सरपंच और सदस्यों ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और अपमानित किया था। गुलजार सिंह का परिवार मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि विपक्षी दल नशे के मुद्दे पर पंजाब सरकार को घेर रहे हैं।
मानसा में परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मिलेंगे शाह
अमित शाह अपने दौरे के अगले चरण में मानसा जाएंगे, जहां वह नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात करेंगे। झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित दवा की दुकान के भीतर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके पिता भीम सिंह ने सोमवार को कहा था कि वह अमित शाह से मुलाकात के दौरान अपने बेटे की हत्या की सीबीआई जांच की मांग उठाएंगे। झोटा दवा की दुकानों पर नशीले पदार्थों की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे।
दवा दुकान में विवाद के बाद झोटा की हत्या
परविंदर सिंह झोटा की हत्या उस समय हुई, जब वह फेसबुक पर लाइव थे। बताया जा रहा कि एक बुजुर्ग को नशीले पदार्थ बेचे जाने को लेकर सवाल करने के बाद दवा दुकान के मालिक अश्विनी कुमार ने झोटा पर गोली चला दी थी। घटना के बाद आरोपी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया था। इस हत्याकांड के बाद पंजाब में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया। अमित शाह के दौरे से कुछ घंटे पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार ने झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में नशे का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी अहम बना हुआ है।




















