Aakash Waghmare
17 Jan 2026
Manisha Dhanwani
17 Jan 2026
आशीष शर्मा, ग्वालियर। ग्वालियर में भी अब ड्रैगन फ्रूट्स की खेती हो रही है। युवा उद्यमी सिद्धार्थ घुरैया ने सबसे पहले इसकी शुरुआत की है। उन्होंने सालभर पहले दो एकड़ में ड्रैगन फ्रूट्स के पौधे लगाए थे, जिनसे अब फल आने लगे हैं। सिद्धार्थ बताते हैं, उन्होंने पहले कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र पर जाकर इसके बारे में जानकारी ली। इसकी खेती कैसे की जाती है और क्या-क्या सावधानी रखनी होती है, इसके बारे में जानने के लिए हैदराबाद, करनाल भी जाकर जानकारी जुटाई। इसके बाद 2024 में 4 लाख रुपए के पौधे मंगाकर लगाए। साथ ही लाल टीपारा गोशाला से खाद लाकर डाली, लेकिन पहले प्रयास में पौधे सूख गए। पूछताछ की तो पता चला कि जो खाद डाली थी, वह कच्ची थी।

दोबारा 4 हजार पौधे मंगाकर फिर से रोपे और इस बार जैविक खाद का उपयोग किया। अब पौधे बड़े हो गए हैं और फल आने लगे हैं। उनके अनुसार, एक-दो साल के अंदर अच्छी पैदावार शुरू हो जाएगी। इससे हर बार डेढ़ से दो लाख तक की कमाई होगी। सिद्धार्थ ने बताया कि उनका कूलर का व्यवसाय है। कोविड के दौरान और कॉम्पिटीशन बढ़ने पर व्यवसाय में थोड़ा डाउन फॉल आया है। इसलिए खेती करने का मन बनाया, क्योंकि खाने पीने की चीजों की हमेशा डिमांड रहती है। मुझे पारंपरिक खेती के बजाय कुछ अलग हटकर करना था, इसलिए ड्रैगन फ्रूट्स की खेती शुरू की है। इससे अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद है।
मध्यप्रदेश में रीवा, बालाघाट, नीमच (जावद, मनासा, सिंगोली क्षेत्र), सीहोर, भोपाल और रतलाम (आम्बा) जैसे जिलों में ड्रैगन फ्रूट्स की खेती हो रही है। ये किसान पारंपरिक फसलों से हटकर इस फल की खेती कर रहे हैं और अच्छी आय कमा रहे हैं। डॉ. अंकुर ग्रोवर कहते हैं कि ड्रैगन फ्रूट एक सुपरफूड है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन सी और आयरन का अनोखा संयोजन होता है। ये शरीर में रक्त निर्माण को सपोर्ट करता है और प्लेटलेट्स के स्वस्थ उत्पादन में मदद करता है। इसमें बहुत अधिक फाइबर होता है, जिससे शरीर में सूजन कम होती है। ड्रैगन फ्रूट का नियमित सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ समग्र स्वास्थ्य को भी बढ़ाता है।
पाचन संबंधी समस्याएं : इसमें मौजूद फाइबर कब्ज और पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
हार्ट के लिए फायदा : इसमें मौजूद स्वस्थ वसा खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और हृदय रोगों के जोखिम को घटाने में सहायक है।
शुगर कंट्रोल : यह ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, जो मधुमेह के मरीजों के लिए फायदेमंद है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता : विटामिन सी और एंटीआॅक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
त्वचा और बालों के लिए : इसमें मौजूद विटामिन और एंटीआॅक्सीडेंट त्वचा को चमकदार बनाते हैं और बालों को मजबूत करने में मदद करते हैं।
वजन प्रबंधन : कम कैलोरी और अधिक फाइबर होने के कारण यह वजन नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है।