जबलपुर। भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन जबलपुर में शनिवार को आयोजित किया गया। इस आयोजन में मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि जनजातियों का समग्र कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वंचितों को वरीयता देना ही हमारी नीति है और स्वाधीनता संग्राम में जनजातीय नायकों के योगदान को हम भुला नहीं सकते, जनजातीय गौरव दिवस मनाकर हम उन जननायकों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। क्रांति गौड़ को लेकर पीएम ने कहा, विश्व कप में भारत की महिला क्रिकेट टीम में शामिल हमारी एक जनजातीय समाज की बेटी ने अहम भूमिका निभाई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि स्वाधीनता संग्राम में देश के विभिन्न अचंलों में जनजातीय वीरों और जननायकों ने आजादी के लिए अपना लहू बहाया। इन वीरों ने अपना त्याग किया, पर अंग्रेजों को चैन से बैठने नहीं दिया। स्वाधीनता संग्राम के उस प्रारंभिक काल में जनजातीय जननायकों ने जो योगदान दिया, उसे हम भुला नहीं सकते, पर इतिहासकारों और तत्कालीन सरकारों ने इनके योगदान को सिरे से नकार दिया। देश के स्वाधीनता संग्राम में जनजातियों का योगदान अतुलनीय है, अभूतपूर्व है। इसीलिए हमने यह बीड़ा उठाया है कि जनजातीय वीरों और जननायकों के बारे में आज की नई पीढ़ी को भी अवगत कराया जाए।
पीएम ने कहा कि हर साल 15 नवंबर को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी का जन्मदिन होता है। इस विशेष दिन को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने के पीछे हमारी यही मंशा है कि जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया, हम सब उनके बारे में जानें, समझें, विचार करें और इन शूरवीरों के योगदान को श्रद्धानवत होकर नमन करें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि स्वाधीनता का दीया सबसे पहले मध्यप्रदेश की धरती में ही जला था, इसका जिम्मा भी जनजातीय वीरों ही उठाया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सौगात देते हुए कहा कि अगले वर्ष से 5000 छात्रावास अधीक्षकों की भर्ती होगी।जनजातीय विभाग द्वारा संचालित प्रदेश में सभी बालिका आश्रम शालाओं एवं छात्रावासों के नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखे जाएंगे तथा सभी बालक आश्रम शालाओं और छात्रावासों के नाम राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह के नाम पर रखे जाएंगे। इस अवसर पर राज्यपाल मंगू भाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय नायकों के चित्रों पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया।