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Peoples Update Special :रीडिंग हैबिट डेवलप करने जबलपुर रीडर्स ग्रुप कराता है किताबों से दोस्ती

जबलपुर में मोबाइल-टीवी से दूर हर रविवार दो घंटे सिर्फ किताबों की बातें होती हैं। रीडर्स ग्रुप ने यह पहल की है।
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रीडिंग हैबिट डेवलप करने जबलपुर रीडर्स ग्रुप कराता है किताबों से दोस्ती
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नरेन्द्र सिंह, जबलपुर। आज के दौर में जब मोबाइल और टीवी ने लोगों को किताबों से दूर कर दिया है, तब किसी उद्यान में एक साथ सैकड़ों लोगों को अपनी मनपसंद किताब पढ़ते देख सुखद आश्चर्य होता है। जबलपुर रीडर्स ग्रुप द्वारा 2023 में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य लोगों में फिर से पढ़ने की आदत विकसित करना है। कुछ युवाओं द्वारा शुरू इस ग्रुप से आज एक हजार से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। ग्रुप से जुड़े लोग हर रविवार को सुबह 7.30 बजे भंवरताल उद्यान में एकत्र होते हैं और दो घंटे का सेशन रखते हैं। ज्यादातर लोग अपनी किताब खुद लाते हैं। जो नहीं लाते, उन्हें ग्रुप की ओर से मनपसंद किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। 2 घंटे के सेशन में पहले घंटे लोग किताबें पढ़ते हैं। दूसरे घंटे में कोई एक सदस्य पढ़ी गई किताब का वाचन करता है। सेशन में सभी लोग मोबाइल स्विच ऑफ रखते हैं। 

    पांच लोगों ने शुरू किया था ग्रुप

    ग्रुप की शुरुआत 12 अक्टूबर 2023 को हुई थी। इसके फाउंडर मेंबर  संस्कार जैन, नयन जैन, सिद्धार्थ चौहान, शुभांक चौहान, आशुतोष मिश्रा हैं। इन्होंने सोशल मीडिया पर अपील की और पहले सप्ताह में ही ग्रुप से आधा सैकड़ा लोग जुड़ गए। सदस्यों में हर आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। किसी से किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता है। ग्रुप के फाउंडर मेंबर नयन जैन के अनुसार, आने वाला रविवार इस ग्रुप का 106वां आयोजन होगा। बीते 12 अक्टूबर को 100वें आयोजन में गु्रप ने कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह को आमंत्रित किया था। उन्होंने पहुंचकर ग्रुप का उत्साहवर्धन भी किया था।

    डिजिटल युग में किताबो के प्रति रुझान अच्छा कदम

    किताब प्रेमियों की मांग पर ग्रुप 2 बार ग्वारीघाट में नौकायन और डुमना नेचर पार्क में भ्रमण कार्यक्रम आयोजित कर चुका है। हालाकि यह कभी-कभार किए जाने वाला कार्यक्रम है। खालसा कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. विशाल सिंह कहते हैं कि  डिजिटल युग में किताबों के प्रति रुझान जगाना अच्छा कदम है। मैं इस संस्था से शुरू से ही जुड़ा हूं। रविवार को किताब प्रेमियों की बढ़ती संख्या बता रही है कि लोग अच्छे साहित्य को पढ़ना चाहते हैं। व्यवसायी दर्शन जैन कहते हैं रीडर्स ग्रुप द्वारा किताबों से जुड़ने बोया गया बीज वटवृक्ष बन गया है। यह एक अच्छा प्रयास है, जिससे आप भी जुड़ें। मैं तो हर रविवार इस कार्यक्रम में हिस्सा बनता हूं। अलग-अलग किताबों से मिलने वाला ज्ञान ज्ञानार्जन करता है। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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