जबलपुर। शहर के पनागर स्थित रैपुरा फार्म हाउस में घोड़ों की रहस्यमयी घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पहले ही 19 घोड़ों की मौत हो चुकी है, और अब 14 और घोड़ों के गायब होने की खबर से हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर कलेक्टर ने फार्म हाउस संचालक सचिन तिवारी के खिलाफ FIR दर्ज कर सघन जांच के निर्देश दिए हैं। छह महीने पहले तिवारी ने हैदराबाद रेसकोर्स से 57 घोड़े बिना अनुमति लाकर इसी फार्म हाउस में छिपा कर रखे थे।
जबलपुर के पनागर स्थित रैपुरा फार्म हाउस में घोड़ों की मौत का मामला और गंभीर हो गया है। पहले ही 19 घोड़े अज्ञात बीमारी के कारण मारे जा चुके हैं, और अब 14 और घोड़े गायब हो गए हैं।
छह महीने पहले फार्म हाउस संचालक सचिन तिवारी ने हैदराबाद रेसकोर्स से 57 घोड़े बिना किसी अनुमति के जबलपुर लाए थे। इन घोड़ों को फार्म हाउस में चोरी-छिपे रखा गया था।
फार्म हाउस में घोड़ों की एक अज्ञात बीमारी के चलते मौतें शुरू हुईं। मामले के सामने आने पर प्रशासन ने जांच शुरू की, लेकिन सिलसिला नहीं रुका और एक-एक कर 19 घोड़ों की मौत हो गई।
घोड़ों की मौत की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लिया। यह मामला पहले से ही उच्च न्यायालय की निगरानी में है।
हाल ही में प्रशासन ने फार्म हाउस में बचे घोड़ों की गिनती की, तो केवल 23 घोड़े ही मौजूद पाए गए। 14 घोड़े लापता होने की खबर से प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा, “फार्म हाउस से घोड़ों के गायब होने की गहन जांच की जाएगी। फार्म हाउस संचालक सचिन तिवारी के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।”
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि तिवारी से सख्ती से पूछताछ की जाएगी ताकि गायब हुए घोड़ों का पता लगाया जा सके और पूरे मामले की सच्चाई सामने आए। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि घोड़े कहां गए, क्या उन्हें बेच दिया गया, कहीं और छिपा दिया गया, या उनके साथ भी कोई अनहोनी हुई है।