Shivani Gupta
2 Jan 2026
दिल्ली के लाल किले पर 10 नवंबर 2025 को हुए धमाके की जांच में पुलिस को एक बड़ा सुराग मिला है। पहली बार जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी उमर मोहम्मद कैमरे में पकड़ा गया, जो डॉक्टर के भेष में दिखाई दे रहा था। सफेद कोट और गले में स्टेथोस्कोप लेकर वह आम डॉक्टर की तरह नजर आया, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बच सके।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यही आतंकी ‘डॉक्टर डेथ’ के नाम से जाना जाता है और लाल किले पर बम लगाने और धमाका कराने का जिम्मेदार है। इस धमाके में 13 लोग मारे गए और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए।
जांच में सामने आए CCTV फुटेज में उमर फरीदाबाद की एक मोबाइल शॉप पर 28 तारीख को दो मोबाइल फोन लेकर बैठा दिखता है। फुटेज में वह बैग से एक फोन दुकानदार को देता है और दूसरे फोन को अपने हाथ में रखता है।
CCTV फुटेज में उमर का हावभाव बताता है कि वह बेहद घबराया और बेचैन था। उसकी बॉडी लैंग्वेज साफ दिखाती है कि वह किसी बड़े मिशन की तैयारी में था।
जांच में यह भी पता चला कि उमर के पास दो फोन थे, लेकिन उसने दिल्ली आने से पहले ही उन्हें ठिकाने लगा दिया। इसलिए धमाके के वक्त उसके पास कोई फोन नहीं मिला। इसका मतलब है कि उसने पूरी तैयारी के साथ डिजिटल ट्रेल मिटा दी थी।
अब NIA और अन्य सुरक्षा एजेंसियां CCTV फुटेज, मोबाइल शॉप रिकॉर्ड और उमर के संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं। यह खुलासा पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है क्योंकि पहली बार आतंकी उमर का चेहरा और उसका तरीका स्पष्ट रूप से सामने आया है।