Peoples Update Special :सागर जिले में दफ्तरों के चक्कर लगाए बिना 100 से ज्यादा युवाओं को मिली अनुकंपा नियुक्ति

सागर कलेक्टर संदीप जीआर बने दिवंगत कर्मचारियों के उत्तराधिकारियों का सहारा, शुरू की श्रृद्धांजलि योजना। कलेक्टर की इस योजना की हो रही है तारीफ।
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सागर जिले में दफ्तरों के चक्कर लगाए बिना 100 से ज्यादा युवाओं को मिली अनुकंपा नियुक्ति
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। सागर के कलेक्टर संदीप जीआर ने शासकीय कर्मचारियों की मृत्यु पर उनके पात्र उत्तराधिकारी को अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए श्रद्धांजलि योजना प्रारंभ की। उन्होंने एक साल में ही अनुकंपा नियुक्ति देने का आंकड़ा सौ पार कर दिया। अबतक 105 अनुकंपा नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत सबसे ज्यादा 41 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति मिली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 सितंबर 2025 को सागर पहुंचकर नियुक्ति पत्र प्रदान भी किए थे। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के 77 प्रकरण दो साल से अधिक समय से अटके हैं। रामांश भदौरिया का मामला 2 अक्टूबर 2020 से लंबित है तो अमित चौहान एक साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। लोक शिक्षण संचालनालय ने यह बताकर फाइल लौटा दी कि पद उपलब्ध नहीं हैं। 

    सागर में इसलिए शुरू हुई श्रद्धांजलि योजना

    कलेक्टर संदीप जीआर ने पाया कि किसी शासकीय कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके पात्र उत्तराधिकारी को अनुकंपा नियुक्ति के लिए तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उसे ऑफिस-ऑफिस चक्कर लगाना पड़ रहा है तो अफसरों से याचना करना पड़ रही है। लिहाजा, इस सबसे बचने के लिए उन्होंने सागर में ‘श्रद्धांजलि योजना’ आरंभ की।

     अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले कहते हैं

    इस बारे में सत्येन्द्र ठाकुर ने कहा कि मेरा पिता शिक्षक थे। उनके निधन पर अनुकंपा नियुक्ति मांगी। भृत्य के लिए मेरी पात्रता थी लेकिन तैयार नहीं हुआ और वर्ग 3 शिक्षक बनने के लिए डीएड किया तथा परीक्षा पास की। पता चला कि श्रद्धांजलि योजना में नियुक्ति के लिए जानकारी मांगी है। हमने प्रयास किया और तत्काल अनुकंपा नियुक्ति मिल गई।  कलेक्टर द्वारा प्रारंभ की गई योजना मुझे ही नहीं कई लोगों के लिए लाभदायक है। वहीं, अंकिता गौड़ ने कहा कि, पिता पटवारी थे। दुर्घटना में उनकी मृत्यु होने पर परिवार में सबसे बड़ी होने पर अनुकंपा नियुक्ति मांगी। कलेक्टर को जैसे ही पता चला, उन्होंने सारे डाक्यूमेंट्स मांगे। तीन माह में ही मुझे पटवारी पद पर अनुकंपा नियुक्ति मिल गया। मेरे लिए इतने कम समय में नौकरी मिलना एक सपना से कम नहीं था।  कलेक्टर की श्रद्धांजलि योजना पूरे प्रदेश में चले तो सैकड़ों लोगों के चेहरे खिल जाएंगे।

    सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा मॉडल बनेगी योजना

    मुख्यमंत्री डॉ.यादव इस योजना की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने सागर में कहा था कि श्रद्धांजलि योजना न केवल सागर के लिए बल्कि मप्र के लिए मॉडल बनेगी और इसी योजना के माध्यम से पूरे प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का कार्य किया जाएगा। कलेक्टर संदीप जीआर कहते हैं कि जिले में रोस्टर अनुसार रिक्त पदों की जानकारी मंगाई। अनुकंपा नियुक्ति के आवेदकों का डाटावेस तैयार कराया। योजना का उद्देश्य यह कि अनुकंपा नियुक्ति के लिए कोई भटके नहीं।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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