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Gujarat Energy Saving:बिजली की बचत के लिए गुजरात सरकार का बड़ा कदम, सरकारी दफ्तरों में 24 डिग्री पर ही चलेगा एसी

गुजरात सरकार ने ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने और बिजली की अनावश्यक खपत कम करने के उद्देश्य से राज्यभर के सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों में नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत सभी कार्यालयों में एसी का डिफॉल्ट तापमान 24 डिग्री सेल्सियस निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही विभागों को ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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बिजली की बचत के लिए गुजरात सरकार का बड़ा कदम, सरकारी दफ्तरों में 24 डिग्री पर ही चलेगा एसी

राज्य सरकार ने सभी विभागों को 45 दिनों के अंदर एनर्जी एफिशिएंसी एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कार्यालयों में बिजली बचत के लिए कई नए नियम लागू किए जाएंगे, जिनकी निगरानी नोडल अधिकारी करेंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों को सम्मानित भी किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बिना कामकाज प्रभावित किए ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देना है।

सरकारी कार्यालयों में लागू होंगे नए ऊर्जा बचत नियम

ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग और सड़क एवं भवन विभाग ने संयुक्त रूप से इस अभियान की शुरुआत की है। सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों और सार्वजनिक भवनों में एसी का डिफॉल्ट तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रखना अनिवार्य होगा। भारतीय ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। सभी विभागों को 45 दिनों के भीतर ऊर्जा दक्षता कार्ययोजना तैयार करनी होगी।

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विभागों को 45 दिनों के अंदर देनी होगी रिपोर्ट

सरकार के निर्देशों के अनुसार, ऑफिस टाइम खत्म होने, सप्ताहांत और सार्वजनिक छुट्टी के दौरान सभी लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर सिस्टम बंद रखना अनिवार्य होगा। छुट्टी पर गए या फील्ड ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के कमरों में लगे विद्युत उपकरणों की भी प्रतिदिन निगरानी की जाएगी। प्रत्येक विभाग में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो इन निर्देशों के पालन की जिम्मेदारी संभालेगा।

सेंसर,ऑटोमेशन और एलईडी तकनीक को मिलेगा बढ़ावा

बिजली की बर्बादी रोकने के लिए कार्यालयों में ऑक्यूपेंसी सेंसर और टाइमर आधारित ऑटोमेशन सिस्टम लगाए जाएंगे। इनका उपयोग गलियारों, मीटिंग रूम, पार्किंग और शौचालयों में किया जाएगा। वाटर कूलरों को शाम 6 बजे के बाद बंद कर सुबह 9 बजे दोबारा चालू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पारंपरिक लाइटों की जगह चरणबद्ध तरीके से ऊर्जा-कुशल एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी और भविष्य में केवल 5-स्टार रेटेड उपकरणों की ही खरीद होगी।

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रात 12 से 4 बजे के बीच स्ट्रीट लाइट रहेंगी बंद!  

शहरी क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटों के संचालन को सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार जलाया जाएगा। इससे प्रतिदिन लगभग 60 मिनट तक बिजली की बचत होने की संभावना जताई गई है। कम ट्रैफिक वाले समय में रात 12 बजे से 4 बजे तक बीच-बीच की स्ट्रीट लाइटें बंद रखने का पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया जाएगा। 

बेहतर प्रदर्शन करने वाले कार्यालय होंगे सम्मानित

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऊर्जा बचत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों को सम्मानित किया जाएगा। गुजरात ऊर्जा विकास एजेंसी मौजूदा सोलर इंस्टॉलेशन की जांच करेगी और खराब सिस्टम को दोबारा सक्रिय करने का कार्य करेगी। कर्मचारियों को सीढ़ियों के अधिक उपयोग और लिफ्ट के कम इस्तेमाल के लिए भी जागरूक किया जाएगा। 

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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