Volkswagen Layoffs:4 फैक्ट्रियां बंद करने और 1 लाख कर्मचारियों की छंटनी पर मंथन, निवेश भी होगा कम

जर्मनी की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी फॉक्सवैगन ग्रुप अपने कारोबार में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी लागत घटाने और मुनाफा बढ़ाने के लिए करीब 1 लाख कर्मचारियों की छंटनी, जर्मनी के चार मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बंद करने और भविष्य के निवेश में कटौती जैसे बड़े फैसलों पर विचार कर रही है। यदि इस योजना को मंजूरी मिलती है तो यह फॉक्सवैगन के इतिहास का सबसे बड़ा पुनर्गठन माना जाएगा।
निवेश योजना में 15% तक कटौती की तैयारी
रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी अगले पांच वर्षों के लिए अपनी पूंजीगत निवेश योजना में लगभग 15 प्रतिशत की कमी कर सकती है। इसके बाद फॉक्सवैगन का कुल निवेश बजट करीब 130 अरब यूरो रह जाएगा। कंपनी का मानना है कि मौजूदा बाजार परिस्थितियों में खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी हो गया है।
4 बड़े प्लांट बंद हो सकते हैं
जानकारी के मुताबिक फॉक्सवैगन जिन इकाइयों को बंद करने पर विचार कर रही है उनमें हैनोवर, ज़्विकाऊ, एम्डेन और ऑडी का नेकर्सुल्म प्लांट शामिल है। बताया जा रहा है कि इन संयंत्रों में मौजूदा वाहन परियोजनाएं पूरी होने के बाद उत्पादन रोक दिया जा सकता है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल बाजार से बढ़ा दबाव
फॉक्सवैगन इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। अमेरिकी टैरिफ, चीन की इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और EV तकनीक पर बढ़ता खर्च कंपनी की लागत को लगातार बढ़ा रहा है। ऐसे में प्रबंधन अब कारोबार को अधिक लाभदायक बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाना चाहता है।
मुख्य कारोबार पर रहेगा फोकस
रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी अपने पैसेंजर कार बिजनेस और पार्ट्स डिवीजन को अलग-अलग इकाइयों के रूप में संचालित करने की योजना भी बना रही है। इससे संचालन को अधिक प्रभावी बनाने और निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिल सकती है। फॉक्सवैगन के CEO ओलिवर ब्लूम पहले भी कई बार संकेत दे चुके हैं कि कंपनी को भविष्य की प्रतिस्पर्धा को देखते हुए अपने मुख्य ऑटोमोबाइल कारोबार पर अधिक ध्यान देना होगा।
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पहले से तय योजना से भी बड़ी हो सकती है छंटनी
फॉक्सवैगन पहले लगभग 50 हजार कर्मचारियों की संख्या कम करने की योजना पर काम कर रही थी। अब सामने आई नई रिपोर्ट्स के मुताबिक यह आंकड़ा बढ़कर 1 लाख तक पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है तो कंपनी के ग्लोबल कर्मचारियों का बड़ा हिस्सा इससे प्रभावित होगा।
यूनियन ने किया विरोध का ऐलान
कंपनी की वर्क्स काउंसिल और जर्मनी की प्रमुख श्रमिक यूनियन IG Metall ने संभावित प्लांट बंदी और बड़े पैमाने पर नौकरी कटौती का विरोध करने की घोषणा की है। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों के हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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कंपनी ने टिप्पणी करने से किया इनकार
फॉक्सवैगन ने इन रिपोर्ट्स पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया है। हालांकि कंपनी ने स्वीकार किया है कि बदलते ग्लोबल ऑटो उद्योग को देखते हुए पूरे समूह में व्यापक बदलावों की आवश्यकता है। बोर्ड की मंजूरी के बाद ही इन प्रस्तावों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। यह पुनर्गठन योजना आने वाले वर्षों में फॉक्सवैगन की रणनीति और वैश्विक ऑटोमोबाइल उद्योग की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।












