निज्जर हत्याकांड में नया मोड़! गोल्डी बराड़ का ऑडियो आया सामने, हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा, लीक ऑडियो में क्या कहा?

कनाडा में हुई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर एक कथित लीक ऑडियो सामने आया है। इसमें गैंगस्टर गोल्डी बराड़ कथित तौर पर निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए सुनाई दे रहा है। यह बातचीत खालिस्तान समर्थक परमजीत सिंह पम्मा के साथ होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है, इसलिए इसमें किए गए दावों को फिलहाल दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। ऑडियो में बराड़ कथित तौर पर निज्जर की हत्या के पीछे युवाओं को ड्रग्स के कारोबार में धकेले जाने और उन्हें मुखबिरी के लिए इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाता है। बराड़ का कहना है कि निज्जर ऐसे लोगों को समर्थन देता था और उन्हें मजबूत करता था।
16-17 साल के युवाओं को लेकर लगाया आरोप
कथित ऑडियो में गोल्डी बराड़ ने आरोप लगाया कि कुछ लोग 16-17 साल के युवाओं को ड्रग्स बेचने के लिए तैयार करते थे। उसके मुताबिक, इन युवाओं पर दबाव बनाया जाता था और उन्हें ड्रग्स बेचने या मुखबिरी करने के लिए मजबूर किया जाता था। बराड़ का दावा है कि निज्जर ऐसे लोगों का समर्थन करता था। उसके अनुसार, इन लोगों को मजबूत करने का मकसद जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल करना था। इसी कथित बातचीत में बराड़ यह भी कहता सुनाई देता है कि इसी वजह से उसने और उसकी टीम ने निज्जर को निशाना बनाया। उसने यह भी कहा कि हर व्यक्ति को अपने किए का परिणाम भुगतना पड़ता है।
निज्जर की हत्या कब और कहां हुई थी?
हरदीप सिंह निज्जर की 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित सरे शहर में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के बाद भारत और कनाडा के रिश्तों में भारी तनाव पैदा हो गया था। हत्या के बाद तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय एजेंटों की कथित भूमिका के आरोप लगाए थे। भारत ने इन आरोपों को खारिज किया था और कहा था कि कनाडा ने अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त सबूत नहीं दिए हैं।
अब सामने आया गैंगस्टर का कथित कबूलनामा
नए ऑडियो के सामने आने के बाद निज्जर हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। कथित रिकॉर्डिंग में बराड़ ने हत्या के पीछे अपनी टीम की भूमिका का दावा किया है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि कथित ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे हत्या की अंतिम या न्यायिक रूप से स्थापित वजह नहीं माना जा सकता। जांच एजेंसियों की ओर से इसकी पुष्टि या जांच के बाद ही इस दावे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
भारत पहले से गैंगवार के एंगल की बात करता रहा
निज्जर हत्याकांड के बाद भारतीय पक्ष की ओर से लगातार यह बात कही जाती रही कि मामले में संगठित अपराध और गैंग नेटवर्क के एंगल की भी जांच होनी चाहिए। जुलाई 2026 में अमेरिकी अधिकारियों ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर निज्जर की हत्या का आदेश देने का आरोप लगाया था। अमेरिकी अभियोग में दोनों पर 2023 में सरे में निज्जर की हत्या के पीछे भूमिका होने का आरोप लगाया गया। इसी दौरान कनाडाई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि जांच में भारतीय सरकारी अधिकारियों को निज्जर की हत्या से जोड़ने वाला कोई सबूत नहीं मिला है। यह बयान मामले को लेकर पहले लगाए गए आरोपों से अलग था।
भारत-कनाडा विवाद में क्यों अहम है यह ऑडियो?
निज्जर की हत्या सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं रही। इसके बाद भारत और कनाडा के बीच राजनयिक संबंधों में बड़ा तनाव देखने को मिला था। दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप हुए और रिश्तों पर इसका सीधा असर पड़ा। अब गोल्डी बराड़ के नाम से सामने आए कथित ऑडियो ने इस मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। यदि रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता की पुष्टि होती है, तो जांच के नजरिए से यह एक महत्वपूर्ण दावा हो सकता है। फिलहाल इसकी पुष्टि होना बाकी है।
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ऑडियो में किए दावे की जांच जरूरी
कथित ऑडियो में गोल्डी बराड़ ने निज्जर की हत्या को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। लेकिन किसी भी आपराधिक मामले में सिर्फ किसी व्यक्ति के कथित बयान को अंतिम सबूत नहीं माना जा सकता।




















