पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या से जुड़े मामले में एक बड़ा कानूनी अपडेट सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस केस में आरोपी पवन बिश्नोई और जगतार सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों को राहत दे दी है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जमानत मंजूर कर ली है।
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सुप्रीम कोर्ट में यह सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों आरोपियों को जमानत देते हुए कहा कि फिलहाल उन्हें राहत दी जा सकती है। इस फैसले के बाद सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में एक नया मोड़ आ गया है, क्योंकि यह मामला लंबे समय से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, पवन बिश्नोई और जगतार सिंह पर आरोप था कि उन्होंने हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों को बोलेरो गाड़ी उपलब्ध कराई थी। चार्जशीट में यह भी दावा किया गया था कि दोनों आरोपियों के तार गैंगस्टर बिश्नोई गैंग और कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बरार से जुड़े हुए थे।
पुलिस का कहना था कि इन दोनों ने सीधे तौर पर हत्या की साजिश में मदद की और शूटरों को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया। इसी वजह से इन पर हत्या की साजिश और अपराध में सहयोग देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
हालांकि अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपियों की तरफ से इन आरोपों को खारिज किया गया और खुद को निर्दोष बताया गया।
इससे पहले साल 2023 में दोनों आरोपियों ने पंजाब के मनसा की स्थानीय अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया था। उस समय अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
सुनवाई के दौरान आरोपी पवन बिश्नोई ने अदालत में कहा था कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। उनका कहना था कि उन्होंने किसी भी शूटर को गाड़ी मुहैया नहीं कराई और पुलिस जांच में जबरन उनका नाम जोड़ा गया है।
दूसरी तरफ सरकारी पक्ष ने अदालत में इसका कड़ा विरोध किया था। सरकारी वकीलों ने कहा था कि किसी गैंगस्टर की मदद करना और हत्या जैसे अपराध में सहयोग देना बेहद गंभीर और घिनौना कृत्य है। इसलिए आरोपियों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
उसी आधार पर स्थानीय अदालत ने पहले उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
आपको बता दें कि पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले में हुई थी। उस दिन सिंगर अपने घर से कार में निकले थे और घर से कुछ ही दूरी पर पहुंचे थे कि तभी अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
हमले में सिद्धू मूसेवाला को कई गोलियां लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। सिंगर की हत्या के बाद पंजाब समेत पूरे देश में आक्रोश देखने को मिला था।
सिद्धू मूसेवाला की हत्या के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। गैंग की ओर से दावा किया गया था कि यह हत्या उनके करीबी विक्की की मौत का बदला लेने के लिए की गई है।
दरअसल, विक्की मिड्डखेड़ा की हत्या के बाद पुलिस जांच में सामने आया था कि जिन लोगों ने उनकी हत्या की थी, उन्हें कथित तौर पर सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत सिंह ने एक फ्लैट में ठहरने की जगह दी थी।
इसी वजह से मूसेवाला कथित तौर पर बिश्नोई गैंग के निशाने पर आ गए थे।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड देश के सबसे चर्चित मामलों में से एक बन चुका है। इस केस में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस लंबे समय से इसकी जांच कर रही है।
अब सुप्रीम कोर्ट से पवन बिश्नोई और जगतार सिंह को जमानत मिलने के बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि अदालत ने केवल जमानत दी है, लेकिन केस की सुनवाई और जांच अभी भी जारी है।
आने वाले समय में अदालत की आगे की सुनवाई और जांच एजेंसियों की कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी। फिलहाल इस फैसले को सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में एक अहम कानूनी मोड़ माना जा रहा है।