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Global Terrorism Index 2026:पाकिस्तान बना दुनिया का सबसे बड़ा आतंक प्रभावी देश

ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (GTI) 2026 की रिपोर्ट ने दुनिया को चौंका दिया है। पहली बार पाकिस्तान को सबसे ज्यादा आतंकवाद से प्रभावित देश बताया गया है। 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद हालात तेजी से बिगड़े हैं।
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पाकिस्तान बना दुनिया का सबसे बड़ा आतंक प्रभावी देश
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AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (GTI) 2026 की रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पाकिस्तान को दुनिया का सबसे ज्यादा आतंकवाद से प्रभावित देश बताया गया है। इसमें सबसे बड़ी वजह 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी मानी जा रही है।
    जब तालिबान ने सत्ता संभाली थी, तब पाकिस्तान में जश्न का माहौल था। उसे उम्मीद थी कि इससे क्षेत्र में उसकी रणनीतिक स्थिति मजबूत होगी और भारत के खिलाफ भी उसे फायदा मिलेगा।

    घर के अंदर ही बढ़ी बगावत

    रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सिर्फ बाहरी नहीं बल्कि अंदरूनी खतरों से भी जूझ रहा है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे संगठन लगातार हमले कर रहे हैं।

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    इन आतंकी संगठनों की गतिविधियों ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर कर दिया है। सरकार के सामने अब चुनौती सिर्फ आतंकियों को रोकने की नहीं, बल्कि राजनीतिक, सैन्य और सामाजिक स्तर पर एक साथ काम करने की है।

    आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

    GTI रिपोर्ट में दिए गए आंकड़े हालात की गंभीरता को साफ दिखाते हैं। साल 2014 से 2019 के बीच पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में कमी आई थी। लेकिन 2020 के बाद स्थिति तेजी से बिगड़ी। 2025 में आतंकवादी घटनाएं 2020 की तुलना में छह गुना बढ़ गईं। सिर्फ 2025 में ही 1,045 आतंकी हमले दर्ज किए गए, जिनमें 1,139 लोगों की जान गई। यह आंकड़े 2013 के बाद सबसे ज्यादा माने जा रहे हैं, जो देश में बढ़ते खतरे का संकेत देते हैं।

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    सीमा पार से बढ़ा खतरा

    रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों में तेजी आई है। TTP और BLA जैसे संगठन अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा का फायदा उठाकर हमले कर रहे हैं।

    दुनिया के लिए क्यों बढ़ी टेंशन

    यह खतरा सिर्फ पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। GTI रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया में आतंकवाद का दायरा बढ़ रहा है। गाजा और ईरान से जुड़े संघर्षों ने भी हालात को और जटिल बना दिया है। इन क्षेत्रों के आसपास के देशों पर खतरा ज्यादा है, क्योंकि सीमा के पास आतंकवादी गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।

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    बॉर्डर के पास बढ़ रहा आतंक

    रिपोर्ट के मुताबिक, आधुनिक आतंकवाद की एक बड़ी खासियत यह है कि यह सीमा के आसपास ज्यादा फैल रहा है। पिछले 15 वर्षों में बॉर्डर क्षेत्रों में आतंकवादी घटनाएं दोगुने से ज्यादा हो गई हैं। 2025 में 76% से ज्यादा आतंकी हमले अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से 100 किलोमीटर के भीतर हुए, जबकि 2007 में यह आंकड़ा करीब 60% था।

    कमजोर शासन बना बड़ा कारण

    मध्य साहेल और चाड झील जैसे क्षेत्रों में सरकार का नियंत्रण कमजोर है। यही वजह है कि आतंकी संगठन वहां आसानी से लोगों की भर्ती कर पाते हैं और अपनी गतिविधियां चला पाते हैं।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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